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इस शख्स ने सबसे ज्यादा बार पेश किया देश का बजट, पूरी दुनिया में चर्चित थी इनकी लाइफ स्टाइल

Fri, 01 Feb 2019 02:09 PM IST
मंजू ममगाईं लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला
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morarji desai
भारत में बजट का इतिहास सालों से पुराना है। लेकिन आजाद भारत का बजट इतिहास तकरीबन 70 साल से ज्यादा हो गए। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में बजट और चुनाव ऐसी चीजें रहीं है जो पूरी दुनिया में चर्चित रही हैं। बहरहाल, स्वतंत्र भारत में देश के विशाल बजट को पेश करने वाले अलग-अलग नेता, राजनेता और मंत्री रहे हैं। इनमें से कई अपने बजट पेश करने के अंदाज को लेकर चर्चा में रहे तो कई बजट तैयार करने से पहले अपनी बीमारी, जीवन शैली और संबोधन के तरीके को लेकर। लेकिन आजाद भारत में एक पूर्व पीएम ऐसा भी रहा है जिसने देश में सबसे ज्यादा बजट पेश करने  का रिकॉर्ड तो अपने नाम किया ही बल्कि यह शख्स अपनी अनोखी लाइफ स्टाइल को भी लेकर चर्चित रहा।
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budget
पहला बजट
भारत ने अपना पहला बजट 15 अगस्त 1947 को आजाद होने के तीन महीने के भीतर पेश कर दिया था। बता दें, 26 नवंबर 1947 को आर के शनमुखम शेट्टी ने पहली बार आजाद भारत का पहला बजट पेश किया था। हालांकि यह पूर्ण बजट नहीं था। उसे अर्थव्यवस्था की समीक्षा जरूर कहा जा सकता था। 
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आर के शनमुखम शेट्टी
भारत के पहले बजट में कर से जुड़ा कोई भी प्रस्ताव पेश नहीं किया गया था। ऐसा इसलिए भी हुआ क्योंकि 1948-49 का बजट सिर्फ 95 दिन दूर था। इस बीच आर के शनमुखम शेट्टी का प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के साथ मनमुटाव होने की वजह से उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद के सी नियोगी ने 35 दिनों के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री की कमान संभाली।

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जॉन मथाई
देश के तीसरे फाइनेंस मिनिस्टर जॉन मथाई बने। मथाई ने 1950-51 में बजट पेश किया। यह आजाद भारत का पहला बजट बना। जॉन के बाद अगले फाइनेंस मिनिस्टर डी देशमुख रहे। पहली बार देशमुख ने ही संसद में पहला बजट पेश किया था। साल 1955-56 यह वह दौर था जब पहली बार बजट को हिंदी में तैयार किया गया था।
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मोरारजी देसाई
अब तक सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने वाले मंत्रियों में मोरारजी देसाई का नाम शामिल है। दरअसल, मोरारजी देसाई ने साल 1959 में देश के फाइनेंस मिनिस्टर बने। उन्होंने 10 बार बजट पेश किया है। इन बजटों में 8 पूर्ण बजट और 2 अंतरिक बजट थे। यही नहीं मोरारजी देसाई के बाद प्रणब मुखर्जी, पी चिदंबरम, यशवंत सिन्हा, वाईबी चौहान और सीडी देशमुख ऐसे नेता रहे हैं जिन्होंने 7 बार से ज्यादा बजट पेश किया।  बहरहाल, मोरार जी देसाई पूरी दुनिया में अपनी अनोखी लाइफ स्टाइल को लेकर चर्चा में थे। दरअसल वे एक चिकित्सा पद्धति के तौर पर अपना ही मूत्र दवाई के रूप में पीते थे। उनकी यह आदत पूरी दुनिया में चर्चा में थी।
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मोरार जी - फोटो : SOCIAL MEDIA
खास बात यह है कि खुद के पेशाब पीने की आदत अमेरिका में भी चर्चा में आई। एक बारा तो उन्होंने मीडिया में इंटरव्यू देते हुए तकरीबन 60  मिनट से ज्यादा यूरीन थेरेपी का महत्व बताते हुए खर्च कर दिए थे। आपको बता दें कि देसाई मानते थे कि मूत्र सेवन कई बीमारियों के इलाज में लाभदायक था। देसाई का मानना है कि पेशाब से आंखों को धोने से कभी भी मोतियाबिंद नहीं होता।

बहरहाल, मोरारजी देसाई के इस्तीफा देने के बाद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने फाइनेंस पोर्टफोलियो अपने पास रखा। इंदिरा गांधी अब तक की इकलौती महिला फाइनेंस मिनिस्टर हैं। 1987-88 में वीपी सिंह के बाद राजीव गांधी ने खुद बजट पेश किया था।
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