अमिताभ बच्चन
- फोटो : सोशल मीडिया
2004 के चुनावों में जया बच्चन ने कहा, 'जो लोग हमें राजनीति में लेकर आए, वो हमें संकट में छोड़कर चले गए। वो लोगों के साथ विश्वासघात करने वाले हैं।
इसके बाद राहुल गांधी ने जवाब दिया, 'बच्चन परिवार झूठ बोल रहा है। इतने सालों बाद वे क्यों आरोप लगा रहे हैं, अमिताभ बच्चन दो दशक पहले राजनीति में आए और अब उन्होंने अपनी वफादारी बदल ली है। जो लोग गांधी परिवार को जानते हैं। उन्हें पता है कि हमने किसी के साथ विश्वासघात नहीं किया। लोग जानते हैं कि किसने किसको धोखा दिया। लोग यह भी जानते हैं कि उनकी वफादारी किसके साथ है।'
इसके बाद अमिताभ बच्चन ने भी अपनी बात रखी, 'वे (गांधी परिवार) लोग राजा हैं और हम (बच्चन परिवार) रंक (सामान्य लोग) हैं। रिश्ते की निरंतरता शासक के मूड पर निर्भर करती है। अब, वे मेरे परिवार पर झूठ बोलने का आरोप लगा रहे हैं।'
कांग्रेस के राजनीतिक दुश्मन बाल ठाकरे के साथ अमिताभ बच्चन की घनिष्ठता ने इसे और खराब किया। ठाकरे हमेशा अमिताभ बच्चन के साथ खड़े रहे, चाहे वह फिल्म सरकार की रिलीज का मामला हो या, उनके भतीजे राज ठाकरे का अमिताभ बच्चन पर महाराष्ट्र के साथ विश्वासघात का आरोप लगाना।