हम सभी जानते हैं कि हमारा शरीर उम्र के साथ बदलता रहता है और पैरों में बदलाव आना भी कोई अलग बात नहीं है। हो सकता है कि जब आप 20 वर्ष की हों, तब 5 नंबर की जूती पहनती हों, लेकिन इस जूती का नंबर कुछ सालों बाद बदल सकता है, क्योंकि आपके पैर समय के साथ बढ़ने लगते हैं। पोडियाट्रिस्ट जॉय रॉलैंड (यूएस) कहती हैं कि समय के साथ-साथ, गुरुत्वाकर्षण के कारण आपके पैर आकार में लंबे और थोड़े चौड़े होने लगते हैं। इसके पीछे प्रमुख कारण हमारी हड्डियों के बीच में पाए जाने वाले लिगामेंट्स और टेंडन्स में बदलाव है।’
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दरअसल, जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपका शरीर भी पहले के मुकाबले बढ़ता जाता है। हो सकता है कि अभी आपके पैरों में कोई समस्या न हो, मगर कुछ वर्षों बाद इनमें बदलाव आ जाता है और इनके कार्य करने की क्षमता में भी बदलाव आता है। जब आपके पैर बड़े होने लगते हैं, तब आपके पैरों में बुनियन और हमरटोइस की होने लगते हैं। यह तब होता है, जब पैरों में मौजूद टेंडन्स और लिंगामेंट्स कठोर या पैर के जिस हिस्से पर मौजूद होते हैं, वहां उनकी निर्भरता कम होने लगती है। जो अन्य कारण पैरों के आकार को विकसित होने में प्रमुख रूप से जिम्मेदार होते हैं, उनमें अनुवांशिकता भी एक कारण है।
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डॉ. रॉलैंड कहती हैं कि हममें से ज्यादातर की उम्र बढ़ने के साथ शरीर का वजन बढ़ने लगता है, जिससे पैर फ्लैट हो जाते हैं। आपके शरीर में फैट को लेकर आने वाले बदलाव भी आपके पैरों को प्रभावित करते हैं। बढ़ती उम्र के साथ तलवे में मौजूद फैट पैड्स पतले हो जाते हैं। ऐसे में अगर आप पतले सोल वाले या सख्त सोल के फुटवियर पहनती हैं, तो पैरों में दर्द होने लगता है। इस स्थिति में जरूरी है कि सही साइज और सही सोल के ही जूते पहनें। अन्यथा इससे पैरों में कॉर्न्स की समस्या होने लगती है।
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अमेरिकन गेरियाट्रिक सोसायटी के अनुसार, तीन तिहाई उम्रदराज लोगों को पैरों के अंगूठे में सूजन की समस्या रहती है। दरअसल कुछ लोग फुटवियर को लेकर ज्यादा सजग नहीं रहते और पुरानी चप्पलों को ही रगड़ते रहते हैं। जरूरी नहीं कि आप पांच नंबर की चप्पल पहनती आई हैं, तो चालीस की उम्र में भी वहीं नंबर आपको फिट आए। इसलिए फुटवियर लेते समय अपने पैर का नाप ले लें, ऐसा इसलिए क्योंकि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती हैं, पैर के नाप में भी फर्क पड़ता है।
उम्र के साथ आपके साथ कुछ चीजें और जुड़ जाती हैं, जिनमें डायबिटीज और गठिया रोग जैसी बीमारियां हैं, जोकि पैरों को प्रभावित करती हैं। डॉ. रॉलैंड आगे कहती हैं कि आप जितने स्वस्थ्य है और अपने पैरों की नियमित रूप से देखभाल करती हैं, आपको उतनी कम परेशानी होती है। इस बात का ध्यान रखें कि पैरों के हिसाब से जूते फिट हों। उनको पहने से अगर किसी भी प्रकार का दर्द है, तब पोडियाट्रिस्ट को दिखाएं और जब आपके पसंदीदा जूते पैरों को किसी भी प्रकार की परेशानी देने लगे, तब आप इन जूतों को बदल लें। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, साल में एक बार पैरों की जांच कराना ठीक रहेगा। इससे डॉक्टर डायबिटीज या पैरों में रक्त-संचार की परेशानी आदि की पहचान कर सकते हैं। इसके अलावा कॉर्न, त्वचा में दरार और नाखूनों में परेशानी होने लगती है।
-क्या आप जानती हैं
सिर्फ छोटे बच्चों के पैरों का ही साइज नहीं बदलता, बल्कि 20-30 की उम्र के बाद भी पैरों के साइज में थोड़ा बहुत बदलाव होता है।