समुद्री लहरों से टकराने की ख्वाहिश रखते हैं तो आप समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में करियर बना सकते हैं। इसके लिए आप नौसेना या तटरक्षक बल में शामलि हो सकते हैं। यह एक चुनौतीपूर्ण मगर रोमांचक और जिम्मेदार करियर वाला क्षेत्र है। जहां आपके देश प्रेम की भावना और चुनौतियों से टकराने के साहस की हर पल परीक्षा होती है। आइए जानते हैं क्या है तटरक्षक बल, क्या है इसके काम और क्या है करियर की संभावनाएं... ध्येय वाक्य और दायित्व :
तटरक्षक बल का ध्येय वाक्य अपने आप में उनकी पूरी जिम्मेदारी का भाव समेटे हुए है। इसका ध्येय वाक्य ‘वयम् रक्षाम:’ यानी हम रक्षा करते हैं। इनकी विशेषता तैयार, तत्पर और जवाबदेही है। इंडियन कोस्ट गार्ड भारत की सबसे छोटी सशस्त्र सेना है। इनके सम्मान में देश में एक फरवरी को ‘तटरक्षक दिवस’ मनाया जाता है।
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भारतीय तटरक्षक
- फोटो : Social Media
भारतीय तटरक्षक के कर्तव्य :
कृत्रिम द्वीपों एवं अपतटीय स्टेशनों की सुरक्षा एवं संरक्षा
मछुआरों की सुरक्षा
समुद्र में आपातकाल में मछुआरों की सहायता
समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा एवं संरक्षण
समुद्री प्रदूषण : नियंत्रण एवं रोकथाम
तस्कर विरोधी संक्रियाओं में सीमा शुल्क विभाग एवं अन्य प्राधिकारियों की सहायता
समुद्री कानूनों को लागू करना
समुद्र में जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा
वैज्ञानिक आंकड़ों का संग्रह
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Sri Lankan fishermen
- फोटो : ANI
भर्ती कैसे हों :
अफसर स्तर की बात करें या यांत्रिक, नाविक (जीडी) और नाविक (डीबी) स्तर की भर्तियों की, इंडियन कोस्ट गार्ड द्वारा भर्ती अभियान के संदर्भ समय-समय पर राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार समाचार पत्र के माध्यम से भर्ती विज्ञापन जारी किए जाते हैं। साथ ही joinindiancoastguard.gov.in पर भर्ती परीक्षाओं संबंधी सूचना जारी की जाती है।
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इंडियन कोस्ट गार्ड शिप वरुण
- फोटो : ANI
क्यों जुड़ें तटरक्षक से :
एक तटरक्षक अधिकारी का जीवन कई चीजों का एक सुखद मिश्रण है; कड़ी मेहनत, व्यावसायिकता, जोखिम और रोमांच, भारत के चारों ओर घूमने के साथ ही विदेशों में विभिन्न स्थानों पर जाने का अवसर भी मिलता है। इसके साथ ही राष्ट्र की रक्षा में शामिल होने की संतुष्टि भी है। तटरक्षक बल में करियर को केवल वित्तीय दृष्टि से नहीं देखा जा सकता है। अच्छे वेतन और प्रचुर भत्तों के साथ यह एक बहुमुखी करियर विकल्प है। तटरक्षक बल में सेवा केवल एक रोजगार नहीं है। यदि आप बुद्धिमान और साहसी हैं तो आप इस चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में शानदार करियर बना सकते हैं।
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Indian Coast Guard helicopter
अफसर रैंक पर भर्ती :
भारतीय तटरक्षक में करियर बनाने के लिए कई अवसर हैं। इसके लिए 19 वर्ष से 30 वर्ष तक की उम्र सीमा में विभिन्न पदों पर आप नियुक्ति पा सकते हैं। इनमें जनरल ड्यूटी अफसर, पायलट नेविगेटर, कॉमर्शियल पायलट, टेक्नीकल विंग और लॉ विंग आदि में भी जुड़ सकते हैं। इनके लिए 12वीं में गणित और फिजिक्स के साथ स्नातक होना जरूरी है। अधिकारी वर्ग में सेवा समय और अनुभव के आधार पर असिस्टेंट कमांडेंट, डिप्टी कमांडेंट, कमांडेंट, कमांडेंट (जेजी), डीआईजी, आईजी, डीजी तक के पद पर क्रमोन्नत हो सकते हैं। इसमें बेसिक वेतनमान 56,100 रुपए प्रतिमाह से लेकर 2,05,400 रुपए तक मिलता है। इसके अलावा कई अन्य प्रकार के भत्ते और लाभ भी मिलते हैं। संबंधित अधिक जानकारी आप यहां https://www.joinindiancoastguard.gov.in/officerentry.html देख सकते हैं।
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coast guard
नाविक स्तरीय भर्ती :
वहीं, नाविक के तौर पर होने वाली भर्ती में 03 प्रकार से नामांकन होता है। इनमें यांत्रिक {इलेक्ट्रिकल / इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार (रेडियो / पावर)}, नाविक (सामान्य ड्यूटी) और नाविक (घरेलू शाखा या डोमेस्टिक ब्रांच) है।
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भारतीय तटरक्षक बल ने म्यांमार के जहाज को पकड़ा है
- फोटो : Twitter
योग्यता एवं पात्रता :
यांत्रिक : आयु सीमा 18-22 वर्ष है (ओबीसी के लिए 03 वर्ष और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए 05 वर्ष की छूट होगी।) 10वीं कक्षा के साथ मैकेनिकल/इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार (रेडियो/पावर) में तीन साल का डिप्लोमा जरूरी।
नाविक (जीडी) : आयु सीमा 18-22 वर्ष है (ओबीसी के लिए 03 वर्ष और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए 05 वर्ष की छूट होगी।) केंद्रीय/ राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी शिक्षा बोर्ड से गणित और भौतिकी के साथ 12वीं कक्षा पास होना जरूरी।
नाविक (डीबी) : आयु सीमा 18-22 वर्ष है (ओबीसी के लिए 03 वर्ष और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए 05 वर्ष की छूट होगी।) केंद्रीय/ राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी शिक्षा बोर्ड से 10वीं कक्षा पास होना जरूरी।
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भारतीय तटरक्षक बल
- फोटो : ICG
रैंक :
यांत्रिक के तौर पर आप उत्तम यांत्रिक, प्रधान यांत्रिक, सहायक इंजीनियर, उत्तम सहायक इंजीनियर और प्रधान सहायक इंजीनियर बन सकते हैं।
जबकि नाविक (जीडी) और नाविक (डीबी) में नाविक, उत्तम नाविक, प्रधान नाविक, अधिकारी, उत्तम अधिकारी और प्रधान अधिकारी रैंक तक पहुंच सकते हैं।
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भारतीय तटरक्षक बल
- फोटो : ICG
प्रशिक्षण :
तटरक्षक भर्ती कार्मिकों का 09-24 सप्ताह की अवधि का प्रारंभिक प्रशिक्षण आईएनएस, चिल्का में होता है। इसके बाद 04 सप्ताह का प्रशिक्षण पोत पर होता है। 12-24 सप्ताह की अवधि का प्रशिक्षण नौसेना प्रशिक्षण अकादमी, एझीमाला, केरल में होता है। यांत्रिकगण अपने विभिन्न कैडरों (इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिकल/शिपराइट) में दक्षता प्रमाणन के लिए कोर्स करते हैं। वरिष्ठता के विभिन्न स्तरों पर व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। सभी तटरक्षक अफसरों को खोज एवं बचाव समुद्री कानून, बोर्डिंग समुद्र प्रबंधन एवं समुद्र प्रदूषण नियंत्रण आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता है। अधीनस्थ अफसरों को समुद्री कानून में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। तटरक्षक का अपना प्रशिक्षण केंद्र कोची में है। इस केंद्र में तटरक्षक की विशिष्ट भूमिकाओं जैसे बोर्डिंग, खोज एवं बचाव, प्रदूषण प्रतिक्रिया, संक्रिया एवं विधिक कोर्स, समुद्री कानून, तस्कर विरोधी एवं निस्तारण से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण कराया जाता है।
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भारतीय तटरक्षक बल
- फोटो : ICG
इतिहास और स्थापना :
1977 में संघीय मंत्रिमंडल ने भारतीय नौसेना से स्थानांतरित दो पोतों एवं पांच गश्ती नौकाओं के साथ तटरक्षक के स्थापना की स्वीकृति प्रदान की थी। इस प्रकार 01 फरवरी, 1978 को भारत के जलीय एवं अनन्य आर्थिक क्षेत्र की निगरानी हेतु मात्र सात पोतों के बेड़े के साथ भारतीय तटरक्षक का आविर्भाव हुआ। 19 अगस्त, 1978 को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने औपचारिक रूप से भारतीय तटरक्षक यानी इंडियन कोस्ट गार्ड का उद्घाटन किया था।
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भारतीय तटरक्षक बल
- फोटो : ICG
कवायद वर्षों पहले शुरू हुई थी :
हालांकि, इसकी स्थापना की कवायद वर्षों पहले शुरू हो चुकी थी। भारतीय नौसेना, 1960 से ही भारतीय जलीय क्षेत्र में समुद्री कानून को लागू करने तथा उपक्रमों की सुरक्षा एवं संरक्षा का दायित्व निर्वहन करने हेतु एक सहायक संगठन की स्थापना का अनुरोध करती आ रही थी। मुंबई (बाम्बे) हाई में तेल की खोज के फलस्वरूप अपतटीय क्षेत्र में बहुमूल्य संयंत्र स्थापित किए गए थे। इसके बाद समुद्री क्षेत्र में भारत की महत्वपू्र्ण औद्योगिक क्षेत्रों एवं आर्थिक हितों की सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन के उपायों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
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दक्षिण चीन सागर में अभ्यास करती अमेरिकी नौसेना
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समुद्री क्षेत्र अधिनियम-1976 बना :
1970 में नाग कमेटी की स्थापना की गई। समिति ने अपनी सिफारिश में तश्करी की गतिविधियों से निजात पाने के लिए एक अलग से समुद्री बल की आवश्यकता पर जोर दिया। केंद्र सरकार ने भारतीय समुद्री क्षेत्र अधिनियम-1976 का निर्माण किया। भारत ने एक बार में 20 लाख वर्ग किमी समुद्री क्षेत्र पर सभी जैविक व गैर-जैविक संसाधनों का व्यापक संदोहन करने के लिए अधिकार ग्रहण किया।
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आईएनएस विक्रमादित्य पर एलसीए नेवी
- फोटो : India Navy Twitter
रुस्तमजी समिति की सिफारिश :
इसके उपरांत सितंबर 1974 में आईपीएस केएफ रुस्तमजी (भूतपूर्व महानिदेशक सीमा सुरक्षा बल) की अध्यक्षता में एक समिति की गठित की गई थी। समिति ने 1975 में को अपनी रिपोर्ट में शांति काल के दौरान समुद्री क्षेत्र की देखभाल एवं सुरक्षा के लिए तटरक्षक जैसे संगठन की स्थापना हेतु सिफारिश की थी। जिसे तत्कालीन केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया।
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एलसीए नेवी की आईएनएस विक्रमादित्य से उड़ान
- फोटो : India Navy Twitter
1978 में पहला तटरक्षक पोत मिला :
1978 में भारतीय नौसेना ने पहली भारतीय तटरक्षक पोत भारतीय तटरक्षक कुठार (पेनेंट संख्या 31) को स्थानांतरित किया। कमांडर एमएस अचरेजा पोत के पहले कमान अधिकारी थे, जो बाद में महानिरीक्षक पीटीएम, टीएम, उपमहानिदेशक के रूप में अगस्त 1997 में सेवानिवृत्त हुए। तटरक्षक के बलस्तर को मजबूत करने के लिए नौसेना की दो सिवार्ड डिफेंस बोट्स की कमीशनिंग दिसंबर 1980 एवं नवंबर 1981 में की गई थी।
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चॉपर
- फोटो : ANI
1982 में चेतक हैलीकॉप्टर और पहला स्क्वाड्रन :
चेतक हेलीकॉप्टर को 1982 में भारतीय तटरक्षक में शामिल किया गया। सुरक्षित वायुयान होने के कारण इसे खोज एवं बचाव मिशन में लगाया गया। 800 स्क्वाड्रन (तटरक्षक), भारतीय तटरक्षक का पहला स्क्वाड्रन है, इसकी कमीशनिंग 22 मई, 1982 को डावोलिम एअर फील्ड, गोवा में केपी सिंह देव तत्कालीन उप रक्षामंत्री के द्वारा की गई। स्क्वाड्रन की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर पीवी चौधरी के अधीन थी। स्क्वाड्रन में उस समय 02 अफसर तथा 12 कार्मिक तैनात थे।
तटरक्षक संगठन :
तटरक्षक बल का नेतृत्व भारतीय तटरक्षक महानिदेशक (डीजीआईसीजी) की अध्यक्षता में होता है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। अपर महानिदेशक, भारतीय तटरक्षक मुख्यालय, नई दिल्ली में बल के दूसरे शीर्ष अधिकारी होते हैं। तटरक्षक बल में दो भारतीय तटरक्षक कमांडर होते हैं जो क्रमश: पश्चिमी समुद्र बोर्ड और पूर्वी समुद्र बोर्ड की कमान संभलते हैं। इनके अतिरिक्त प्रशासनिक क्रम में कमांडर तटरक्षक क्षेत्रीय मुख्यालय, उत्तर पश्चिम का गांधीनगर, पश्चिम का मुंबई, पूर्व का चेन्नई, उत्तर पूर्व का कोलकाता और अंडमान एवं निकोबार का क्षेत्रीय मुख्यालय पोर्ट ब्लेयर में स्थित हैं। इनके अलावा 16 तटरक्षक जिला मुख्यालय हैं जिनमें तटरक्षक जिला कमांडर स्तर के अधिकारी होते हैं।