Hypervigilance: जब काम का दबाव लगातार बना रहता है, तो दिमाग कभी-कभी हमेशा चौकन्ना रहने की अवस्था में पहुंच जाता है। यही अति-सतर्कता (हाइपरविजिलेंस) कहलाती है, जिसमें ध्यान सीमित हो जाता है और छोटी-छोटी बातें भी अनावश्यक रूप से खतरनाक महसूस होने लगती हैं। इसका असर काम पर ही नहीं, मन की शांति पर भी पड़ता है।
ऐसे में लगातार होने वाले तनाव को संभालना बहुत जरूरी है। छोटी कसरतें, समय पर ब्रेक, सीमाएं तय करना और काम को टुकड़ों में बांटना उस मानसिक गार्ड को थोड़ा आराम देते हैं। धीरे-धीरे संतुलन बनने लगता है और आप कामयाबी को बिना अपने मन पर बोझ डाले हासिल कर पाते हैं।