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UPSC Result 2025: जुनून और जज्बे से रची सफलता की कहानी, जानिए टॉपर्स ने कैसे की हर चुनौती पार

Wed, 23 Apr 2025 10:48 AM IST
शाहीन परवीन जॉब्स डेस्क, अमर उजाला

सार

UPSC Toppers 2025: हर साल लाखों अभ्यर्थी यूपीएससी की परीक्षा में सफलता पाने का सपना देखते हैं, लेकिन मंजिल उन्हीं को मिलती है जो पूरी लगन, धैर्य और रणनीति के साथ तैयारी करते हैं। यूपीएससी परिणाम में भी कुछ ऐसे ही होनहार युवाओं ने अपनी मेहनत से सफलता की ऊंचाइयों को छू लिया है। आइए जानें, इन टॉपर्स ने कैसे की परीक्षा की तैयारी और किन चुनौतियों को पार कर रचा अपना सपना।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
UPSC Toppers: देश की सबसे कठिन परीक्षा में शीर्ष पर आने के लिए खुद पर भरोसा, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प ही सफलता का मूल मंत्र है। टॉप-6 रैंक पाने वाले उम्मीदवारों ने इसे ही सफलता की कुंजी बताया। शुरुआती असफलता के बावजूद बिना किसी भटकाव के लक्ष्य प्राप्ति की लालसा और उसके लिए निरंतर मेहनत से आज उनका और उनके परिवार का नाम देश में गौरव हासिल कर रहा है।

सिविल सेवा परीक्षा 2024 के लिए कुल 9,92,599 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 5,83,213 परीक्षार्थी वास्तव में परीक्षा में सम्मिलित हुए। इस कठिन और प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया के अंत में मात्र 1,009 उम्मीदवारों का अंतिम रूप से चयन हुआ। 

इस वर्ष की विशेष उपलब्धि यह रही कि 45 दिव्यांग उम्मीदवारों ने भी सफलता प्राप्त की। इनमें 12 अस्थि विकलांग, 8 दृष्टिबाधित, 16 श्रवण बाधित तथा 9 बहु विकलांगता वाले शामिल हैं।
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Shakti Dubey UPSC Topper - फोटो : एएनआई

शक्ति दुबे
 
मां प्रेमा देवी बोलीं, बेटी हमेशा सोशल मीडिया से दूर रही। मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी बहुत जरूरत पड़ने पर करती थी। शक्ति बहुत संवेदनशील हैं। उन्हें कविताएं लिखने का भी शौक है।

शक्ति ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और बीएचयू से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई बायोकेमिस्ट्री विषय से की है। उन्होंने स्नातक और पीजी दोनों ही परीक्षाओं में गोल्ड मेडल हासिल किया है। शक्ति की जुड़वा बहन और बड़े भाई भी यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: पांचवें प्रयास में शक्ति दुबे बनीं टॉपर; जानें रिजल्ट देखते ही सबसे पहले किसे किया फोन

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

बिना कोचिंग के करिश्मा मोबाइल से रखी दूरी  

यूपीएससी सिविल सेवा की टॉपर शक्ति दुबे के पिता सब इंस्पेक्टर देवेंद्र दुबे ने बताया कि बेटी ने बिना कोचिंग के यह करिश्मा कर दिखाया। पढ़ाई के लिए उसकी प्रतिबद्धता और अनुशासन ने प्रयागराज ही नहीं पूरे देश में परिवार का गौरव बढ़ाया।

2023 की सिविल सेवा परीक्षा में वह इंटरव्यू तक पहुंची थी लेकिन सफल नहीं हुई। इससे निराश न होकर उसने इस बार दोगुने उत्साह के साथ तैयारी की और शानदार प्रदर्शन किया।

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यूपीएससी सेकेंड टॉपर हर्षिता गोयल - फोटो : एएनआई

साहस, जिज्ञासा और प्रतिबद्धता से बजाया कामयाबी का डंका 
हर्षिता गोयल

 
सीए से सिविल सेवक बनने का सपना पूरा किया। मैं हमेशा से राष्ट्र निर्माण और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती थी। सिविल सेवा की तैयारी में सीए की पढ़ाई  ने मुझे विश्लेषणात्मक आधार दिया।

हर्षिता ने पढ़ाई के दौरान तनाव  दूर करने के लिए समय मिलने पर पेंटिंग के शौक को जिंदा रखा। हर्षिता की दूसरी रैंक उनके साहस, जिज्ञासा और प्रतिबद्धता की दास्तां बयान करती है।

यूपीएससी की तैयारी करने वालों से यही कहूंगी कि मुश्किलें राह में आएंगी पर कदम न डगमगाएं।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

सुगंध नगरी के मयंक, बहादुरगढ़ के आदित्य चमके

बहादुरगढ़ के आदित्य व सुगंध नगरी कन्नौज के मयंक त्रिपाठी ने क्रमश: 9वीं व 10वीं रैंक हासिल किया है। आदित्य का यह 5वां प्रयास था, जबकि मयंक पिछले साल 373वीं रैंक पाकर इनकम टैक्स के असिस्टेंट कमिश्नर पद का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
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UPSC Toppers - फोटो : डोंगरे अर्चित पराग (रैंक 3) - फोटो : X (@DrJitendraSingh)

153वीं रैंक से मन नहीं भरा... मेहनत कर तीसरे पर निशाना
अर्चित पराग डोंगरे

पुणे के अर्चित पराग सिविल सेवा में अगले मोर्चे पर समाज में सुधार करना चाहते थे। यही कारण है कि 2023 में 153वीं रैंक के बाद उन्होंने समझौता नहीं किया और दृढ़ संकल्प के साथ तैयारी जारी रखी।

मुंबई में स्कूली शिक्षा, पुणे में जूनियर कॉलेज और वीआईटी, वेल्लोर से बीटेक के बाद वैकल्पिक विषय के रूप में दर्शनशास्त्र से सफलता खुद पर अटूट विश्वास, दृढ़ता और लक्ष्य-निर्धारण का प्रमाण है।

मेरा मंत्र...लक्ष्य हमेशा बड़ा रखें, जब तक इसे हासिल न कर लें अपने कदम कभी थमने नहीं दें।
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UPSC Toppers - फोटो : अमर उजाला

शांत संकल्प से मिली सफलता
मार्गी चिराग

मुझे एक दोस्त ने सिविल सेवा के बारे में बताया और मैं समझ गई कि इसमें लोगों के जीवन में प्रभाव डालने की ताकत है। शुरुआत में कोचिंग के बाद  खुद से ही तैयारी की। संकल्प लिया कि सिविल सेवक बनना है, चाहे कितना भी समय लगे। 2017 में पिता के निधन के बावजदू कदम थमने नहीं दिए।

पांचवें प्रयास में सफलता मिली। हर बार असफलता  से कुछ सीखकर आगे बढ़ी। कभी भी बोझ नहीं पड़ने दिया। स्व अध्ययन और सटीक मार्गदर्शन ने बड़ी मदद की, बस रुकना नहीं था। मुझे अच्छे नतीजे की उम्मीद थी पर टॉप 5 में आऊंगी यह नहीं सोचा था।

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UPSC Toppers - फोटो : अमर उजाला

कितना नहीं...पढ़ना क्या है, यह जरूरी
आकाश गर्ग

मुझे लक्ष्य पता था। कितना पढ़ना है इसके बजाय क्या पढ़ना है यह जरूरी है। मैंने हमेशा क्वालिटी पर फोकस किया। उसी अनुसार पढ़ाई की और लक्ष्य हासिल किया। मैंने कभी भी घंटों पढ़ाई पर जोर नहीं दिया। पहले प्रयास में प्री नहीं हुआ था। इसके बाद मैंने स्ट्रैटजी बदली। इस सफलता का श्रेय मैं अपने माता-पिता को देता हूं।

आकाश कहते हैं,  मुझे एआई के विकास और उसके सामाजिक प्रभाव के बारे में जानना पसंद है। इसके अलावा आकाश को साइंस फिक्शन फिल्में देखने और फॉर्मूला-1 रेसिंग का शौक है। 

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UPSC Toppers - फोटो : अमर उजाला

जिद से बनी आईएएस
कोमल पुनिया

किसान की बेटी कोमल पुनिया की आईएएस बनने की जिद पुरानी है। पहले प्रयास में असफलता के बाद दूसरी बार में आईपीएस बनीं। ट्रेनिंग के बीच तीन महीने की छुट्टी ली और तैयारी कर इस बार छठी रैंक हासिल कर अपना सपना साकार कर लिया।
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