Hypervigilance: अकादमिक और पेशेवर जीवन में काम का दबाव बना रहता है। ऐसे माहौल में चौकस और सतर्क रहने को अक्सर सफलता की चाबी माना जाता है, लेकिन कभी-कभी यह सतर्कता, अति सतर्कता (हाइपरविजिलेंस) में बदल जाती है। इससे उत्पादकता के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। अगर आपको भी ऐसा लगता है कि आप काम के दौरान हमेशा तनाव में रहते हैं, तो हो सकता है आप भी अति-सतर्कता के शिकार हों।
ऐसे में स्थितियां आपके लिए काफी कठिन हो जाती हैं और काम करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए ऐसी किसी भी स्थिति के संकेतों को पहचानना सीखें और जीवन में संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक तरीके खोजें। इससे आप अपने मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाए बिना कामयाबी हासिल कर सकते हैं।