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Career Growth: छंटनी की आशंका में घबराएं नहीं, ऐसे छोटे-छोटे कदम उठाएं; आपके करियर को बना सकते हैं मजबूत

Tue, 09 Dec 2025 12:41 PM IST
शाहीन परवीन दीना डेनहम स्मिथ, हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू

सार

Layoff Fears: जब नौकरी में छंटनी का खतरा मंडराने लगे और एआई के बढ़ते इस्तेमाल से असुरक्षा बढ़ जाए, तब घबराने के बजाय खुद को मजबूत बनाने का समय होता है। छोटे-छोटे लेकिन समझदार कदम न सिर्फ आपके आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं, बल्कि आपकी रचनात्मकता और करियर को भी सुरक्षित रखते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

Job Security: आज कार्यस्थल पर एआई के बढ़ते इस्तेमाल, बार-बार होने वाली छंटनी और अनिश्चितता के कारण नौकरी को लेकर इसका असर कर्मचारियों के व्यवहार में दिखता है, वे चुप रहने लगते हैं, जोखिम और नए विचारों से बचते हैं, और समाधान के बजाय आत्म-सुरक्षा पर ध्यान देने लगते हैं।

अगर लीडर इस अनकहे डर को नहीं समझते, तो गलत जानकारी, कम सहभागिता और कमजोर प्रदर्शन जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। कई लीडर खुद तनाव में होने के कारण स्थिति को और कठिन बना देते हैं। नौकरी चले जाने का डर खुद पर या कर्मचारियों पर हावी न होने लगे, तो ऐसी स्थिति में लीडर और कर्मचारी, दोनों कुछ छोटे-छोटे कदम उठा सकते हैं।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

डर को स्वीकारें

भावनाओं को शब्दों में कहना तनाव घटाता है और डर को हल्का करता है। अपनी और टीम की भावनाओं को पहचानें, उनके डर को स्वीकारें और हाल की चुनौतियों पर संवेदनशील बातचीत शुरू करें। डर स्वीकारने से वह बढ़ता नहीं, बल्कि कम होता है। समूह में बात मुश्किल लगे, तो व्यक्तिगत रूप से बात करें। आपका उद्देश्य हर चिंता हल करना नहीं, बल्कि यह दिखाना है कि आप सुन रहे हैं और साथ खड़े हैं। गोपनीय जानकारी हो तो उसे साझा न करें, बस शांत, स्पष्ट और नैतिक रूप से सहयोगी रहें।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

भरोसेमंद आश्वासन दें

अनिश्चित समय में चिंता बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन आपका स्पष्ट और ईमानदार संवाद टीम को स्थिरता देता है। उन्हें हर जवाब नहीं चाहिए, बल्कि दिशा और नियमित अपडेट चाहिए। साफ बताएं कि क्या निश्चित है और क्या अभी अनिश्चित, ताकि अफवाहें न फैलें। समय-सीमा बताते रहें और जितना संभव हो उतना भरोसेमंद आश्वासन दें, लेकिन बिना आवश्यकता बड़े वादे न करें। जब आप टीम को सारी जानकारी साझा नहीं कर सकते, तब समय और अपेक्षाओं पर फोकस करना आपकी जिम्मेदारी है।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

छोटे-छोटे विकल्प रखें

जब भविष्य अस्पष्ट होता है, तो लोग अक्सर सबसे बुरा सोचने लगते हैं। ऐसे समय में टीम को वे काम सौंपें, जिन्हें वे अच्छी तरह कर सकते हैं और मिलकर छोटे-छोटे अगले कदम तय करें। इससे एकजुटता बढ़ती है और चिंता कम होती है। ध्यान से सुनें, प्राथमिकताएं साथ तय करें, और जहां तक संभव हो टीम को छोटे विकल्प दें, जैसे मीटिंग की आवृत्ति या अपडेट का तरीका, जिसस् उन्हें नियंत्रण और सुरक्षा का एहसास मिलता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

जुड़ाव जैसा माहौल

आपकी भावनाएं टीम के माहौल को सीधे प्रभावित करती हैं। चाहे आपका तनाव हो या शांति। आप नींद, व्यायाम, माइंडफुलनेस जैसी आदतों से शांति विकसित कर सकते हैं। बात करते समय धीमी और स्पष्ट आवाज रखें, और लिखित संदेश भेजने से पहले सोचें कि टीम उन्हें कैसे समझेगी। अनिश्चित समय में जुड़ाव तनाव कम करता है। इसलिए मीटिंग की शुरुआत व्यक्तिगत बातचीत से करें और 'हम साथ हैं' जैसे वाक्य कहें। यह माहौल बनाकर टीम को लचीलेपन की ओर ले जा सकते हैं।
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