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Meetings: सिर्फ आंकड़े नहीं, अंदाज भी बोलता है; प्रेजेंटेशन को असरदार और यादगार बनाने के ये हैं स्मार्ट तरीके

Fri, 12 Sep 2025 04:15 PM IST
शाहीन परवीन जिया स्टॉर्म, हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू

सार

Effective Communication: कॉरपोरेट दुनिया में सिर्फ सही तथ्य और आंकड़े होना काफी नहीं है। असली फर्क तब पड़ता है जब आप इन्हें दिलचस्प और आत्मविश्वास भरे अंदाज में सामने रखते हैं। यही तरीका न सिर्फ मीटिंग में आपकी पकड़ मजबूत करता है बल्कि लोगों के बीच भरोसा और जुड़ाव भी पैदा करता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
Professional Influence: कॉरपोरेट जगत में आंकड़े, रिपोर्ट व प्रेजेंटेशन व महत्वपूर्ण हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि वे हमेशा सबके दिलों तक पहुंच ही पाएं। इसके उलट, जब आप अपनी बात को रोचक अंदाज में पेश करते हैं, तो वह लोगों की भावनाओं को छू लेती है। यही वजह है कि आज के दौर में कहानी कहने की कला लीडरशिप तथा संवाद यानी कम्युनिकेशन की सबसे अहम कुजा मानी जाती है। 

जब आप अपनी सफलता-असफलता की कहानियां साझा करते हैं, तो श्रोता उसे केवल सुनते ही नहीं, बल्कि महसूस भी करते हैं। यह मानवीय जुड़ाव किसी भी प्रस्तुति, संवाद या टीम मीटिंग को साधारण से खास बनाकर आत्मीयता, भरोसे और जुड़ाव का पुल बनाता है। ऐसा माहौल टीमवर्क को भी मजबूत करता है। ऐसा करने के कुछ तरीके हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

असफलताओं को प्रेरणा बनाएं

आप अपनी तीन सबसे महत्वपूर्ण असफलताओं के बारे में लिखें, वे पल जब आपने गलतियां कीं, गिरे, लेकिन फिर उठे। ऐसी कहानियां ही आपको और आपके श्रोताओं को गहराई से जोड़ती हैं। इन्हें साझा करना यह संदेश देता है कि ठोकर खाना सामान्य है और हर गलती सीखने का एक अवसर है। सोचें कि आने वाले हफ्तों में ऐसे किन मंचों पर इन कहानियों को साझा किया जा सकता है, ताकि वे दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकें।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

ईमानदार व आत्मीय संबंध

वास्तविक समय में अपनी संवेदनशीलता व कमजोरियों की पहचान करना बतौर पेशेवर आपको और प्रभावशाली बनाता है। जब भी आपको तय समय में सवालों का जवाब देना हो, तो इन कारकों को ध्यान में रखें। 'मेरी भावना यह है', 'यह साझा करना मेरे लिए थोड़ा डरावना लग रहा है' या 'मुझे इसे सामने लाने में झिझक हो रही थी' जैसे वाक्य आपके विचारों की समझ विकसित करके श्रोताओं के साथ ईमानदार व आत्मीय संबंध स्थापित करते हैं।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

मन की बातें साझा करें

आप किसी मीटिंग की शुरुआत ऐसी निजी कहानी से कर सकते हैं, जो न सिर्फ सुनने वालों के जीवन को प्रभावित कर सके, बल्कि वह किसी न किसी रूप में व्यापक दुनिया, मौजूदा घटनाओं या व्यवसाय से भी जुड़ी हो। ऐसी कहानियां हमेशा खुशगवार नहीं होतीं, लेकिन लोग इन्हें बेहद सराहते हैं और उनसे जुड़ाव महसूस करते हैं। बैठक से पहले कुछ मिनट कहानी पर सोचकर छोटे नोट्स बना लेना आपकी बातचीत को गर्मजोशी और प्रामाणिकता से भर देता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

दूसरों की प्रेरक कहानियों से सीखें

अपने पसंदीदा टेड टॉक्स देखें और पॉडकास्ट सुनें, ताकि आप समझ सकें कि अनजान लोग अपनी कहानियों को किस तरह प्रभावशाली और प्रेरक अंदाज में प्रस्तुत करते हैं। सोचें कि आपको कब सबसे ज्यादा जुड़ाव महसूस हुआ? और अपनी पसंदीदा तकनीकों को नोट कीजिए और उन्हें धीरे-धीरे अपनी रोजमर्रा की बातचीत में लागू करने का अभ्यास कीजिए। इससे आपको हौसला बढ़ेगा।
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