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Maha Kumbh 2025: 27 साल बाद कुंभ मेले में मिले 'अपने'; झारखंड के परिवार को साधु रूप में मिला खोया हुआ परिजन

Thu, 30 Jan 2025 03:12 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, धनबाद (झारखंड)

सार

गंगासागर के छोटे भाई मुरली यादव ने कहा, 'हम उन्हें दोबारा देखने की उम्मीद खो चुके थे, लेकिन कुंभ मेले में गए हमारे एक रिश्तेदार ने गंगासागर जैसे दिखने वाले एक व्यक्ति की तस्वीर ली और हमें भेजी। इसके बाद मैं, धनवा देवी और उनके दो बेटों के साथ कुंभ मेला पहुंचा।'
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Maha Kumbh 2025 - फोटो : Amar Ujala
प्रयागराज महाकुंभ में एक परिवार 27 साल बाद अपने पिछड़े हुए परिजन से मिला। परिवार ने अब उनके मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। उन्हें मान लिया था कि या तो वह इस दुनिया में नहीं है और या फिर वह किसी ऐसे स्थान पर चले गए हैं, जहां से वापस आना संभव नहीं है। हालांकि, दिल की किसी कोने में उनके मिलने की उम्मीद बाकी थी। मामला झारखंड के परिवार का है।
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स्नान के लिए उमड़ा सैलाब, हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई - फोटो : PTI
परिवार ने बुधवार को दावा किया कि प्रयागराज में कुंभ मेले में उन्हें उनका खोया हुआ एक परिजन मिल गया है। इसके साथ ही उनकी 27 साल से जारी परिजन की तलाश अब समाप्त हो गई है। खोए हुए परिजन गंगासागर यादव अब 65 वर्ष के हैं। वह ‘अघोरी साधु’ बन गए हैं। अब उनका नाम बाबा राजकुमार है।
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Mahakumbh 2025 : मौनी अमावस्या के एक दिन पहले संगम स्नान के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का रेला।  - फोटो : अमर उजाला।
उनके परिवार ने बताया कि 1998 में पटना की यात्रा के बाद गंगासागर लापता हो गए थे। उनकी पत्नी धनवा देवी ने अपने दो बेटों कमलेश और विमलेश की अकेले परवरिश की।

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Mahakumbh 2025 : मौनी अमावस्या के एक दिन पहले संगम स्नान के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का रेला। - फोटो : अमर उजाला।
गंगासागर के छोटे भाई मुरली यादव ने कहा, 'हम उन्हें दोबारा देखने की उम्मीद खो चुके थे, लेकिन कुंभ मेले में गए हमारे एक रिश्तेदार ने गंगासागर जैसे दिखने वाले एक व्यक्ति की तस्वीर ली और हमें भेजी। इसके बाद मैं, धनवा देवी और उनके दो बेटों के साथ कुंभ मेला पहुंचा।'
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Mahakumbh 2025 : मौनी अमावस्या के एक दिन पहले संगम स्नान के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का रेला।  - फोटो : अमर उजाला।
मेले में पहुंचने पर परिवार का सामना बाबा राजकुमार से हुआ, लेकिन उन्होंने गंगासागर यादव के रूप में अपनी पूर्व पहचान स्वीकार करने से इनकार कर दिया। बाबा राजकुमार ने वाराणसी का साधु होने का दावा किया। उन्होंने और उनकी साध्वी साथी ने पूर्व के किसी भी संबंध से इनकार किया।
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Mahakumbh 2025 : मौनी अमावस्या के एक दिन पहले संगम स्नान के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का रेला। - फोटो : अमर उजाला।
हालांकि, परिवार अपने दावे पर अड़ा रहा, क्योंकि बाबा राजकुमार पूरी तरह से गंगासागर यादव से मिलते जुलते हैं, यहां तक कि उनके माथे और घुटने पर चोट के हूबहू वैसे ही निशान मिले जो गंगासागर यादव के थे।
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Mahakumbh : संगम स्नान के लिए उमड़ा आस्था का रेला। - फोटो : अमर उजाला।
मुरली यादव ने कहा कि हम कुंभ मेले के अंत तक इंतजार करेंगे। अगर जरूरी हुआ तो डीएनए परीक्षण पर जोर देंगे। यदि परीक्षण में परिणाम मेल नहीं खाते तो हम बाबा राजकुमार से माफी मांगेंगे। इस बीच परिवार के कुछ सदस्य घर लौट आए हैं, जबकि अन्य अभी मेले में ही हैं। हम बाबा राजकुमार और साध्वी पर कड़ी नजर रख रहे हैं।
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