सीमा पर दिवाली मनाते सुरक्षाबल
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पहाड़ की उंची चोटी पर जहां उससे ऊपर केवल आसमान ही है तैनात जवानों का कहना है कि हम यहां आपस में इस प्रकार प्रेम से दिवाली मनाते हैं। हमें कभी इस बात का अहसास नहीं होता है कि हम अपनों से दूर हैं, यहां हम सब हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई न होकर भाई-भाई होते हैं। इस क्षेत्र में जवानों को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जैस-जैसे चुनौतियां बढ़ती हैं, जवानों का मनोबल भी दो गुना हो जाता है। उस पर होली, ईद, गुरुपर्व और दिवाली उनके आत्मविश्वास को और बढ़ा देता है।