शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

विज्ञापन

पीएसए लगने के बाद पहले दिन फारूक अब्दुल्ला लॉन में टहले, अखबार पढ़कर और टीवी देखकर काटा समय

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर Updated Wed, 18 Sep 2019 10:02 AM IST
1 of 5
फारूक अब्दुल्ला का घर - फोटो : फाइल, अमर उजाला
पूर्व मुख्यमंत्री और नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला को पीएसए में निरुद्ध किए जाने के बाद गुपकार रोड स्थित उनके घर के बाहर सुरक्षाबलों का पहरा है। दिन-रात तैनात सुरक्षाबल लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। हालांकि, सोमवार को गुपकार रोड पर लगाए गए बैरिकेड्स मंगलवार को हटा लिए गए और यातायात सुचारू कर दिया गया। सुरक्षा के बीच मंगलवार को उनकी बहन और बेटी ने उनसे मुलाकात की। श्रीनगर से सांसद फारूक को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से नजरबंद कर रखा था। 
विज्ञापन

2 of 5
गुपकार रोड पर सुरक्षा - फोटो : बासित जरगर
पीएसए लगाए जाने के बाद पहले दिन फारूक से घर पर उनकी बहन और बेटी मिलीं। उनकी बड़ी बेटी साफिया जो अगले घर में ही रहती है, ने दिन में मुलाकात की। अधिकारियों ने उनसे पांच बार के सांसद रहे फारूक के घर मुख्य दरवाजे से जाने को कहा। इससे पहले जब वे नजरबंद थे तो साफिया दोनों घरों को जोड़ने वाले भीतरी रास्ते से जाती थीं, लेकिन मंगलवार को वहां गार्ड तैनात था जिसने साफिया को मुख्य दरवाजे से जाने को कहा। पास ही रहने वाली उनकी बहन सुरैया को भी सुरक्षाबलों की मौजूदगी में मिलने की अनुमति दी गई। मंगलवार को फारूक लॉन में टहले। अखबार पढ़ने के साथ ही टीवी देखकर समय बिताया। 

 

3 of 5
गुपकार रोड़ पर तैनात सुरक्षा बल - फोटो : बासित जरगर
श्रीनगर के डीसी की ओर से सोमवार को एक बजे पीएसए लगाए जाने का आदेश जारी किया गया। इसे एडीसी तथा एसपी की ओर से तामिल कराया गया। उनपर पीएसए की लोक व्यवस्था प्रावधान के तहत निरुद्ध किया गया है जिसके तहत छह महीने तक बिना किसी मुकदमे के किसी व्यक्ति को हिरासत में रखा जा सकता है। वह राज्य के पहले मुख्यमंत्री हैं जिन पर पीएसए लगाया गया है। 

 

4 of 5
गुपकार रोड़ पर तैनात सुरक्षा बल - फोटो : बासित जरगर
पीएसए को फारूक के पिता एवं नेशनल कांफ्रेंस के संस्थापक शेख अब्दुल्ला ने 1978 में तब लागू किया था जब वह राज्य के मुख्यमंत्री थे। ज्ञात हो कि पांच अगस्त से अधिकतर अलगाववादी नेताओं को एहतियातन हिरासत में रखा गया है। दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला एवं महबूबा मुफ्ती समेत मुख्यधारा के नेताओं को या तो हिरासत में या नजरबंद रखा गया है। 

 

5 of 5
गुपकार रोड़ पर तैनात सुरक्षा बल - फोटो : बासित जरगर
श्रीनगर के अनेक हिस्सों में चले ऑटो रिक्शा
घाटी में तेजी से बदल रहे हालात के बीच मंगलवार को बड़ी संख्या में निजी वाहन, निजी टैक्सी तथा ऑटो रिक्शा शहर के अनेक हिस्सों में चलते दिखे। रेहड़ी-पटरी वाले भी अपना कारोबार करते दिखे। एहतियातन सुरक्षा बलों की तैनाती कर रखी है। अधिकारियों ने बताया कि सरकारी कार्यालय खुले हैं। जिला मुख्यालय के कार्यालयों में सामान्य उपस्थिति दर्ज की गई। समूची घाटी में लैंडलाइन टेलीफोन सेवा को बहाल कर दिया गया है। हालांकि, कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में मोबाइल टेलीफोन सेवा और सभी इंटरनेट सेवाएं पांच अगस्त से ही बंद हैं। हालांकि, दुकानें सुबह शाम खुल रही हैं। गलियों में स्थित दुकानें पूरे दिन खुली रही हैं। अब भी सड़कों से सार्वजनिक वाहन गायब हैं। स्कूलों में उपस्थिति नहीं है। अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं।  
विज्ञापन

Recommended Videos

Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।