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कश्मीर में ऑपरेशन ऑल आउट का ऐसा असर की तीन साल में मारे गए 600 से अधिक आतंकी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Wed, 10 Jul 2019 07:55 PM IST
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आतंकियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन ऑल आउट का असर इस कदर दिख रहा है कि कश्मीर में आतंक के चेहरों का अकाल पड़ चुका है। यूं तो कश्मीर में अब भी 200 से अधिक आतंकी सक्रिय हैं, लेकिन वह आतंक का चेहरा बन सकें, इसके लिए उनमें से कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। रियाज नायकू को छोड़ दें तो कोई ऐसा नाम नहीं, जो कश्मीर में आतंक का चेहरा रह गया हो। आपरेशन आल आउट के तहत 30 से अधिक इनामी और नामी आतंकी कमांडरों को मार गिराया है। 
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मारे गए आतंकी - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2016, 2017, 2018 और 2019 में कई बड़े कमांडर मारे गए हैं। इनमें सब्जार अहमद भट्ट, बुरहान वानी, जुनैद मट्टू, बशीर लश्करी, अबू लल्हारी, जाकिर मूसा, जीनल उल इस्लाम, सद्दाम पाडर, नाविद जट्ट, समीर टाइगर, मन्नान वानी आदि शामिल हैं। कश्मीर में वर्तमान में 200 से अधिक आतंकी सक्रिय हैं। इनके कुछ कमांडर भी बनाए गए हैं, लेकिन वह ऐसे नहीं जिनका खास असर हो। सुरक्षाबलों की सख्ती, इनको मिलने वाले सपोर्ट और अन्य सुविधाओं पर भी जबरदस्त तरीके से रोक लगी हुई है। 

 

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नई रणनीति के तहत काम तमाम करने पर जोर 
सुरक्षाबलों ने नई रणनीति बनाई है कि जो कोई भी आतंक का चेहरा बनने की कोशिश करे, उसका जल्द से जल्द काम तमाम कर दिया जाए। मन्नान वानी जैसे कई नाम हैं, जिन्होंने आतंक का दामन थामा और दो महीने के भीतर ही ढेर कर दिए गए। मन्नान को हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन कश्मीर में अपना चेहरा बनाना चाहता था, जिसे सुरक्षाबलों ने मौत के घाट उतार दिया। 

 

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यह थे प्रमुख चेहरे 

आतंकी                  संगठन                 इनाम

सब्जार अहमद भट्ट         हिजबुल                  10 लाख
जुनैद मट्टू                लश्कर ए तैयबा            15 लाख 
बशीर लश्करी            लश्कर ए तैयबा            10 लाख
अबू लल्हारी               लश्कर ए तैयबा            10 लाख
बुरहान वानी            हिजबुल मुजाहिदीन         10 लाख
जाकिर मूसा                गजवा तुल हिंद           15 लाख
जीनत उल इस्लाम    हिजबुल मुजाहिदीन         10 लाख
सद्दाम पाडर            हिजबुल मुजाहिदीन         10 लाख
नाविद जट्ट                लश्कर ए तैयबा             12 लाख  
समीर टाइगर           लश्कर ए तैयबा              10 लाख

 

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तीन साल में 600 से अधिक आतंकी मारे गए
आपरेशन आल आउट के तहत अब तक 600 से अधिक आतंकी मारे गए हैं। वर्ष 2016 में 213, 2017 में 217, 2018 में 257 और 2019 में अब तक 80 से अधिक आतंकी मारे जा चुके हैं। आतंकियों के खिलाफ अब भी आपरेशन जारी है। सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षाबल मिलकर आपरेशन चला रहे हैं। 

 

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डीजीपी दिलबाग सिंह - फोटो : फाइल, अमर उजाला

आतंकियों के खिलाफ और कड़ी होगी कार्रवाई
"यह सच है कि आतंकियों के पास कमांडरों की कमी है। उनको नए कमांडर नहीं मिल रहे। आतंकियों के खिलाफ पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की है। इनके खिलाफ कार्रवाई में कोई ढील आगे भी नहीं होगी। इसी तरह के आपरेशन आतंकियों के खिलाफ चलते रहेंगे। और अधिक सख्ती के साथ पुलिस इनके खिलाफ कदम उठाएगी।"-दिलबाग सिंह, डीजीपी, जेएंडके

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