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जम्मू कश्मीर: शोपियां में मारे जाने से पहले मदरसे में छिप गया था पाकिस्तानी आतंकी, दो मासूमों को बनाया  बंधक

Sat, 12 Nov 2022 01:51 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
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शोपियां मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबल - फोटो : संवाद
दक्षिण कश्मीर के शोपियां में एक मदरसे में छिपे जैश-ए-मोहम्मद के एक पाकिस्तानी आतंकी को सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को मार गिराया। मारे गए दहशतगर्द ने 11 साल के दो छात्रों को बंधक बना लिया था। इस मदरसे में तीन शिक्षकों समेत 31 छात्र मौजूद थे। ऑपरेशन के दौरान मदरसे तथा इससे सटे मस्जिद को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा। सेना की 15 कोर के प्रवक्ता कर्नल एमरॉन मौसवी ने बताया कि शोपियां जिले के कापरन गांव में मदरसा दारुल उलूम खालिद इबिन वलीद में आतंकवादियों के छिपे होने की पुलिस ने सूचना दी।
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शोपियां मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबल - फोटो : संवाद
इसके आधार पर सेना की 34 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और पुलिस द्वारा रात लगभग एक बजे घेराबंदी की गई। मदरसे में तीन शिक्षकों समेत 31 छात्र उसमें मौजूद थे। इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि आतंकी बगल में स्थित मस्जिद में शरण न लेने पाएं। साथ ही ऑपरेशन के दौरान मस्जिद और मदरसा को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे। प्रवक्ता ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को संदिग्ध ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) से पूछताछ में पता चला कि मदरसे के अंदर आतंकी छिपे हुए हैं।
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शोपियां मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबल - फोटो : संवाद
सुरक्षाबलों ने उसके बाहर निकलने का इंतजार किया ताकि मदरसे को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। सुबह करीब 6:10 बजे वह बाहर आया। बाहर आते ही घेराबंदी देखकर उसने जवानों पर गोलीबारी कर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। मुठभेड़ स्थल से एक एके-74, 4 मैगजीन सहित आपत्तिजनक सामग्री, हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। पुलिस ने अनुसार मारे गए आतंकवादी की पहचान कामरान भाई उर्फ अनीस के रूप में हुई है, जो जैश से संबंधित पाकिस्तानी आतंकी था। ऑपरेशन में सीआरपीएफ की 178 बटालियन ने भी भाग लिया।

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मुठभेड़ स्थल के पास तैनात सुरक्षाबल और वाहन। - फोटो : संवाद

मदरसे में दो बच्चे रस्सियों से बंधे मिले

सैन्य प्रवक्ता कर्नल मौसवी ने बताया कि मदरसे की विस्तृत तलाशी के दौरान करीब 11 वर्ष की आयु के दो छोटे बच्चे मिले जिन्हें खूंखार पाकिस्तानी आतंकी ने ह्यूमन शील्ड के रूप में इस्तेमाल करने के लिए रस्सी से खंभों से बांध दिया था। सुरक्षाबलों द्वारा बचाए जाने से वह दोनों काफी उत्साहित थे।

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मौके पर सुरक्षाबल। - फोटो : बासित जरगर

संभावित फिदायीन हमला टला

एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार ने पुलिस और सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम को बिना किसी नुकसान के सफल ऑपरेशन के लिए बधाई दी। ऑपरेशन को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि फिदायीन हमलों के संभावित खतरे और अन्य हमलों को उसके खात्मे से विफल कर दिया गया है। पुलिस मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच कर रही है।

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इलाके में तैनात सुरक्षाबल। - फोटो : संवाद

सुरक्षाबलों पर हमले की कई वारदातों में था शामिल

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मारा गया आतंकवादी एक वर्गीकृत आतंकी था और पुलिस सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों पर हमले और नागरिक अत्याचारों सहित कई आतंकी अपराध के मामलों में शामिल था। एसएसपी शोपियां तनुश्री ने बताया कि मारा गया आतंकी पिछले करीब 8 महीने से सक्रिय था जिसमें वो ज्यादा कुलगाम-शोपियां क्षेत्र में सक्रिय रहा। वह आतंकी हमलों को अंजाम देने की योजना बनाने के अलावा युवाओं को आतंकी गिरोहों में शामिल होने के लिए भर्ती और प्रेरित करके जैश आतंकी संगठन के आतंकी गुटों को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि शोपियां में अभी करीब 7 स्थानीय आतंकवादी सक्रिय हैं।

 

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