श्रीनगर की मशहूर डल झील में शिकारे पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र तो हैं ही, ये 18 किलोमीटर क्षेत्र में फैली झील में रहने वाले लोगों की जीवन रेखा भी हैं। इन शिकारों पर अस्पताल, एटीएम और तैरता पोस्ट ऑफिस भी है। देश में अपनी तरह की पहली शिकारा डाक और पार्सल कलेक्शन सेवा रविवार को शुरू हो गई।
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Shikara post in Srinagar
- फोटो : बासित जरगर
जम्मू कश्मीर परिमंडल के चीफ पोस्ट मास्टर जनरल नीरज कुमार ने इसे जनता को समर्पित किया। डल में फ्लोटिंग डाकघर की व्यवस्था करीब 200 साल पुरानी है। यह व्यवस्था झील में रहने वाले लोगों के बीच डाक एवं पार्सल बांटने के लिए की गई थी।
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Shikara post in Dal lake Srinagar
- फोटो : बासित जरगर
अब डाक एवं पार्सल सेवा डल झील में स्थित व्यापारियों, हाउसबोट मालिकों और डल झील में हाउसबोट में ठहरने वाले पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए शुरू की जा रही है। यह सेवा डाक एवं पार्सल लोगों से एकत्र भी करेगी।
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Shikara post
- फोटो : बासित जरगर
कश्मीर की विश्व प्रसिद्ध डल झील पर तैरता डाकखाना पूरी तरह से कार्यात्मक है और हर सुविधा प्रदान करता है। सामान्य डाक घरों से यह काफी अनोखा है। यहां की स्टांप और इस डाक घर में चलने वाला म्यूजियम काफी मशहूर है। यह पोस्ट ऑफिस अंग्रेजों के जमाने का है। लेकिन इसे नया नाम 2011 में फ्लोटिंग पोस्ट ऑफिस मिला। पहले इसका नाम नेहरू पार्क पोस्ट ऑफिस था।
2011 में तत्कालीन चीफ पोस्ट मास्टर जॉन सैम्युअल ने इसका नाम फ्लोटिंग पोस्ट ऑफिस रखवाया। अगस्त 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और तत्कालीन केंद्रीय संचार और आईटी मंत्री सचिन पायलट ने इसका उद्घाटन किया था। यह पोस्ट ऑफिस जिस हाउसबोट में है उसमें दो कमरे हैं। एक कमरा पोस्ट ऑफिस के तौर पर काम करता है और दूसरा कमरा म्यूजियम के रूप में है। इस डाक खाने को हेरिटेज के रूप में देखा जाता है। कई पर्यटक डाक खाने को देखने के लिए आते हैं। यहां अधिकांश टिकट और पोस्टकार्ड कश्मीर के विभिन्न दृश्य दर्शाते हैं।