लव जिहाद के नाम पर लाइव मर्डर की घटना के बाद से राजस्थान के दो जिलों तनाव का माहौल है। राजसमंद में छह दिसंबर को हुए लाइव मर्डर का असर उदयपुर में बृहस्पतिवार को बवाल के रूप में देखने को मिला। जिसमें बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी घायल हुए। वहीं पुलिस ने 150 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए अधिकतर प्रदर्शनकारी हिंदुवादी संगठनों से जुड़े है और उदयपुर के बाहर से आए थे।
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दूसरे शहरों से पहुंचे थे प्रदर्शनकारी
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उदयपुर में प्रदर्शनकारी
पकड़े गए प्रदर्शनकारियों में अधिकतर राजसमंद, निंबाहेड़ा व दूसरे शहरों से आए थे। वहीं राजस्थान पुलिस ने जयपुर से भी इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें एक शिव सेना हिंदुस्तान के महासचिव लखन सिंह पंवार और दूसरा शख्स उपदेश राणा। पंवार पर आरोप है कि उन्होंने एक धर्म विशेष पर टिप्प्णी करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था।
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जयपुर में भी गिरफ्तारियां
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उपदेश राणा
वहीं उपदेश राणा पर भी सोशल मीडिया के जरिए लोगों की भावनाएं भड़काने का आरोप है। पुलिस के अनुसार राणा ने ही उदयपुर में बृहस्पतिवार को रैली के लिए आह्वान किया था। पुलिस ने यूपी के मेरठ के रहने वाले राणा को जयपुर के नजदीक बगरु से गिरफ्तार किया है। उपदेश राणा रैली में सम्मलित होने के लिए उदयपुर जा रहा था।
धारा 144 के बाद भी रैली निकालने का प्रयास
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उदयपुर में प्रदर्शन
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ कमेंट और बयानबाजी के कारण उदयपुर और राजसमंद में इंटरनेट सेवा बैन है। वहीं उदयपुर में बृहस्पतिवार को धारा 144 लागू थी फिर भी मचे बवाल ने पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। गौरतलब है उदयपुर में बृहस्पतिवार को राजसमंद में लाइव मर्डर के आरोपी शंभूलाल रैगर के समर्थन में कथित हिंदुवादी संगठनों ने रैली निकालने का प्रयास किया था।
इसके बाद पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर पथराव हुआ। जिसमें एक एडिशनल एसपी सहित 31 से ज्यादा गंभीर घायल हुए। वहीं कई प्रदर्शनकारियों को भी चोट आई है। गौरतलब है कि उदयपुर शहर से ही राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया आते है। बवाल के बाद उदयपुर आगामी इंटरनेट बैन की अवधि बढ़ाई गई है जबकि राजसमंद में आगामी आदेश तक इंटरनेट बंद रहेगा।