वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार का बजट साल दर साल छोटा होता चला गया है। इस बात का उदाहरण राजे सरकार के कार्यकाल के दौरान पेश किए जा बजट के पन्नों से तुलना की जा सकती है।
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2016-17 का बजट रहा था सबसे लंबा
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vasundhara raje
8 मार्च 2016 को पेश किया गया चौथा बजट 120 पन्नों का रहा जिसमें 360 बिंदु थे। हालांकि इस सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में साल 2016-17 का ये बजट सबसे ज्यादा पन्नों का था।
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2015-16
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9 मार्च 2015 को प्रस्तुत किया गया राज्य सरकार के तीसरे बजट में 329 बिंदु थे और ये बजट कुल 113 पन्नों का था।
2017-18
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8 मार्च 2017 को पेश किया गया राजस्थान सरकार का ये पाचवां बजट था जिसमें बिंदु तो कई थे मगर पन्नों के मुकाबले में ये छोटा रहा। इस बजट में 394 बिंदु थे मगर पन्ने केवल 109 ही रहे।
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2014-15 परिवर्तित बजट
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rajasthan budget
राजे सरकार ने पूर्ण रुप से सत्ता में आने के बाद 20 फरवरी 2014 को एक पूरा बजट सदन के पटल पर रखा। 334 बिंदुओं पर केंद्रीत ये बजट करीब 105 पन्नों का था।
हाल ही में पेश किया गया राजस्थान सरकार का ये छठा और अंतिम बजट सबसे छोटा रहा। दो घंटे तक मुख्यमंत्री द्वारा पढ़े गए अभिभाषण में कुल 269 बिंदु थे और पन्नों की संख्या सबसे कम महज 78 ही रही। हालांकि साल 2013 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद राजे सरकार ने अपना पहला बजट प्रस्तुत किया था जो महज 10 पन्नों का था।