देश में बड़े पैमाने पर कोख में बेटियों की हत्याएं हो रही हैं और हत्यारों ने टूरिज्म पैकेज की तरह भ्रूण हत्या के पैकेज तय किए हुए हैं। एक एेसे ही बड़े मामले में चौंका देने वाले खुलासे हुए।
राजस्थान की पीसीपीएनडीटी टीम ने देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रूण लिंग जांच मामले में तीन राज्यों पंजाब, हरियाणा व राजस्थान में फैले नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। टीम ने पंजाब में दबिश देकर एमबीबीएस चिकित्सक, कथित नर्स एवं उसके पति को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन के निर्देशों पर शुक्रवार देर रात चली इस कार्रवाई में पंजाब के मुक्तसर जिला मुख्यालय पर संचालित की जा रही रजिस्ट्रर्ड सोनोग्राफी सेंटर से मशीन भी जब्त की गई है। बहरहाल, आरोपियों से पूछताछ जारी है और उन्हें शनिवार को हनुमानगढ़ न्यायालय में पेश किया जाएगा।
नवीन जैन ने बताया कि राज्य के सीमावर्ती राज्यों पंजाब व हरियाणा में भ्रूण लिंग जांच की शिकायत लगातार मिल रही थी। इस बीच मुखबिर के जरिए पुख्ता सूचना मिली कि पंजाब के मुक्तसर जिले में भ्रूण लिंग जांच करवाई जाती है।
इस पर टीम ने जाल बिछाया तो मुक्तसर जिले की मलोट तहसील के मोहल्ला गांव में स्थित महिला दलाल सुखवंत कौर पत्नी राजेंद्र सिंह जट सिख से संपर्क हुआ, जो कथित रूप से नर्स, दाई आदि के कार्य करती है।
टैक्सी भी खुद की और उसका अलग था पैकेज
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जैन ने बताया कि गिरोह चलाने वालों ने टूरिज्म पैकेज की तरह ही पैकेज निर्धारित कर रखे थे। महिला दलाल ने भ्रूण लिंग जांच करवाने की एवज में 50 हजार रुपए और अबॉर्शन की स्थिति में बाद में पैसे देने की बात कही, लेकिन अबॉर्शन करवाने की स्थिति में दस हजार रुपए अलग से देने को कहा। दलाल ने अपने वाहन के जरिए हनुमानगढ़ से मुक्तसर और वापसी के रुपए भी निर्धारित करते हुए पैकेज में बताया और आश्वासन दिया कि शत-प्रतिशत चिकित्सक से सही जांच करवा सकुशल वापिस घर पहुंचा देंगे।
सौदा तय होने पर महिला दलाल एवं उसका पति राजेंद्र सिंह पुत्र हरनाम सिंह अपनी बोलेरो गाड़ी लेकर हनुमानगढ़ आए और उन्होंने डमी गर्भवती व उसके पति को अपने गांव ले गई। वहां उसने पहले डबवाली में, फिर उसके बाद मलोट में भ्रूण लिंग जांच करवाने की बात कही।
आखिरकार, वह शाम को गर्भवती व उसके पति को लेकर रवाना हुई और मुक्तसर स्थित सचदेवा हॉस्पीटल ले गई। इस दौरान टीम बोलेरो का पीछा करती रही। महिला इधर-उधर बंद गलियों में घुमाती रही और फिर गाड़ी दूर खड़ी कर पैदल ही सचदेवा हॉस्पीटल पहुंची। जहां सोनोग्राफी सेंटर पर डॉक्टर जगदीश सचदेवा ने सोनोग्राफी कर गर्भ में बेटी होना बताया। इशारा मिलते ही टीम ने चिकित्सक, महिला दलाल व उसके पति को गिरफ्तार कर लिया।
जब महिला दलाल ने मुंह खोला, तो सामने आई शर्मनाक हकीकत
- फोटो : सांकेतिक चित्र
महिला ने पूछताछ में बताया कि वह पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के लोगों के संपर्क में है और वहां से अक्सर भ्रूण लिंग जांच करवाने वाले आते रहते हैं। शुक्रवार को महिला के घर पर राजस्थान अलवर नंबर की गाड़ी में दंपत्ती आई हुई थी।
उसने बताया कि डबवाली, अबोहर, मलोट, हनुमानगढ़ के लोग यहां ज्यादातर आते रहते हैं। वहीं श्रीगंगानगर के नाम पर उसने कोई जांच करने से इनकार करते हुए कहा कि यहां के चिकित्सक श्रीगंगानगर के नाम से सोनोग्राफी नहीं करते।
पूछताछ में सामने आया है कि वे करीब सात सालों से इस धंधे में है। गौरतलब है कि पीसीपीएनडीटी टीम की ओर से अब तक राज्य में 81 कार्रवाई की जा चुकी है। इस वर्ष अब तक 27 और अन्य राज्यों में 21 कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं पंजाब की यह तीसरी कार्रवाई है।