नया साल आने में अभी भले कुछ दिन बचे हों, लेकिन इसके स्वागत की तैयारियां अभी से ही शुरू हो गईं हैं। होटलों से लेकर टूरिस्ट डेस्टिनेशंस की बुकिंग भी चालू हैं। इसी कड़ी में हम आपकों बता दें कि नया साल इस बार 13 महीने लेकर आएगा।
दरअसल, देशभर में हिंदू पंचाग को बड़े स्तर पर शुभ कार्यों के लिए मान्यता है। अलग-अलग स्थानों पर भले ही पंचाग प्रकाशक अलग हों, लेकिन इसकी गणनाएं अक्सर समान ही होती हैं। इस बार हिंदू पंचाग के अनुसार साल 2018 में हिंदू महीने 13 होंगे, जिसे अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) कहा जाता है, हालांकि अंग्रेजी महीने 12 ही रहेंगे।
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हर तीसरे वर्ष बनता है ये संयोग
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हिंदू पंचाग के अनुसार, हर तीसरे वर्ष में अधिक मास होता है। वर्ष 2018 में 16 मई से 13 जून की अवधि अधिक मास की रहेगी। अंग्रेजी के 12 महीनों के बीच ही तिथियों की घटत-बढ़त में दो ज्येष्ठ (हिंदू महीने) समाहित रहेंगे। जिनकी अवधि 30 अप्रैल से शुरू होकर 27 जून तक की रहेगी।
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सोमवार से शुरू और सोमवार को ही खत्म
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इसके साथ ही नया साल 2018 की शुरुआत सोमवार से होगी और 31 दिसंबर 2018 को भी सोमवार ही रहेगा। ज्योतिष के विद्वानों के अनुसार सोमवार भगवान शंकर के आधिपत्य वाला वार है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नया साल सभी के लिए शुभ फलदायी रहेगा।
इसलिए खास है अधिक मास
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पंडितों के अनुसार अधिक मास में शुभ कार्य तो नहीं किए जाते, लेकिन धार्मिक अनुष्ठान, कथा और दान-पुण्य काफी होता है। ऐसा करना शुभ माना गया है। साथ ही, दो ज्येष्ठ वाला अधिक मास इस बार दस साल बाद आ रहा है। इससे पहले 2007 में ऐसा संयोग बना था।
इस महीने में धार्मिक कार्य करवाने का विशेष महत्व और फलदायी है। गौरतलब है कि इससे पहले 2015 में दो आषाढ का अधिक मास था और 2018 के बाद अगला अधिकमास वर्ष 2020 में होगा। ज्योतिषियों के अनुसार, अधिक मास की स्थिति आमतौर पर 32 माह 16 दिन और 36 सैकंड में एक बार यानी हर तीसरे वर्ष बनती है।