एक ऐसा शिव मंदिर जिनकी जय-जयकार हाल ही में संजय लीला भंसाली की विवादित रही फिल्म 'पद्मावत' में भी हुई है। देश-विदेश के दर्शकों ने इस फिल्म को देखते समय पर्दे पर इस भव्य मंदिर को देखा, तो उन सभी के दिल खिल उठे। ये वह शिव मंदिर है, जिसकी रावल रतन सिंह हो या फिर गोरा बादल, हक किसी ने जय-जयकार की है।
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बप्पा रावल ने करवाई थी स्थापना
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एकलिंग महादेव
- फोटो : फाइल फोटो
हम बात कर रहे हैं मेवाड़ के एकलिंग मंदिर की। एकलिंग महादेव मंदिर अपने आप में बेहद खास है। मेवाड़ के राजपूत राजाओं के लिए एकलिंग महादेव शुरू से ही आराध्य रहे हैं। युद्ध पर जाने की बात हो या फिर आस्था से सिर झुकाने की इन राजाओं के लिए सबसे पहले एकलिंग भगवान ही आते रहे हैं। इस मंदिर का निर्माण आठवीं शताब्दी में मेवाड़ के संस्थापन बप्पा रावल ने करवाया था और मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करवाई थी।
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एकलिंग भगवान करते थे शासन
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एकलिंग महादेव
- फोटो : फाइल फोटो
दूसरे शब्दों में कहें तो यह मेवाड़ की आध्यात्मिक राजधानी कही जा सकती है। कहा जाता है कि यहां भगवान एकलिंग को अंतिम शक्ति मानकर महाराणा ने उनके प्रतिनिधि के रूप में राजकाज संभाला। माना जाता है कि एकलिंग जी के शासन को वो संभालते हैं, इसलिए उन पर भगवान की कृपा बनी रहती है।
चतुर्मुखी है इनकी मूर्ति
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एकलिंग महादेव
- फोटो : अमर उजाला
यहां एकलिंग भगवान की मूर्ति भी अनोखी है। काले पत्थर की बनी इस मूर्ति के चार मुख हैं। इसमें पूर्व का मुख सूर्य, पश्चिम का मुख ब्रह्मा, उत्तर का मुख विष्णु और दक्षिण का मुख रुद्र के रूप में जाना जाता है।
यहां भगवान की मूर्ति बीच में स्थित है और चारों तरफ देवी पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय भी हैं। इस मंदिर परिसर में सरस्वती और यमुना की मूर्ति भी हैं। इस मंदिर के उत्तर में दो जल स्त्रोत भी हैं। शिवरात्रि के दिन भगवान एकलिंग को गहनों से सजाया जाता है।