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सात समंदर पार भी थे जिस महारानी की खूबसूरती के चर्चे, उसे 'बादशाहो' में जिएंगी इलियाना

Sat, 02 Sep 2017 05:44 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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गायत्री देवी व इलियाना डिक्रूज - फोटो : अमर उजाला
बॉलीवुड में 'बदशाहो' फिल्म  की चर्चा जोरों पर है। इस फिल्म का संबंध इमरजेंसी के साथ राजस्थान की पूर्व रियासत और यहां की बला की खूबसूरत रही पूर्व महारानी से भी है। माना जा रहा है कि इस फिल्म में अभिनेत्री इलियाना डिक्रूज पूर्व राजमाता गायत्री देवी के किरदार में दिखेंगी। डायरेक्टर मिलन लूथारिया की मूवी बादशाहो आज रिलीज हो गई है, इसमें अजय देवगन, इमराम हाशमी, ईशा गुप्ता, इलियाना डिक्रूज नजर आएंगे। हम आपको बताने जा रहे हैं कि गायत्री देवी की रॉयल लाइफ से जुड़े कुछ रोचक किस्से और तस्वीरें...
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इनके लिए बिग भी जाते थे ग्राउंड पर

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गायत्री देवी - फोटो : अमर उजाला
पूर्व राजमाता की सुंदरता के प्रशंसकों में एक सदी के महानायाक अमिताभ बच्चन थे। कहा जाता है कि अमिताभ बच्चन भी रानी को कॉलेज के दिनों में पसंद करते थे। इसके साथ ही अमिताभ ने इसका जिक्र भी अपने ब्लॉग में लिखा था। उन्होंने लिखा था कि वह रेश्मी परिधान में पोलो ग्राउंड पहुंचती थी जिन्हें देखने के लिए मैं ग्राउड जाया करता था। मैं मैच नहीं बल्कि उनकी सुंदरता को निहारने जाता था।
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इनसे हुई थी शादी

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गायत्री देवी - फोटो : अमर उजाला
दरअसल जयपुर राजघराने की पूर्व राजमाता गायत्री देवी का जन्म 23 मई 1919 को लंदन में हुआ था। राजकुमारी गायत्री देवी के पिता राजकुमार जितेन्द्र नारायण कूच बिहार (बंगाल) के राजपरिवार से संबंध रखते थे। गायत्री देवी ने लंदन, शांतिनिकेतन और स्विटजरलैंड से अपनी शिक्षा ग्रहण की। उनका विवाह जयपुर के महाराजा सवाई मान सिंह (द्वितीय) के साथ 9 मई 1940 में हुआ था।

पोलो खेलने की थी शौकीन

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गायत्री देवी - फोटो : फाइल फोटो
गायत्री देवी न केवल महारानी बल्कि अच्छी घुड़सवार व पोलो की प्लेयर भी थी। गायत्री देवी को शिकार का भी शौक था, वो बेहतरीन निशानेबाज भी थी। उन्हें बड़ी गाड़ियों का शौक भी था। मर्सडीज बेंज, रॉल्स रॉयज और एक एयरक्राफ्ट भी रखती थी।
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जाना पड़ा था जेल भी

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गायत्री देवी - फोटो : फाइल फोटो
रिसायत के बाद गायत्री देवी ने राजनीति में भी 1962 में कदम रखा। उन्होंने सी. राजगोपालाचारी की स्वतंत्र पार्टी से चुनाव लड़ा और सांसद बनी। उस वक्त उन्होंने कांग्रेस की ओर से अपने प्रतिद्वंदी को इतने बड़े अंतर से हराया कि नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हो गया। कहा जाता है कि वर्ष 1971 में इमरजेंसी के समय गायत्री देवी को भी जेल में समय बिताना पड़ा था। वह करीब पांच महीनों तक दिल्ली की तिहाड़ जेल में रही थीं। इसके पांच साल बाद उन्होंने राजनीति से सन्यास ले लिया। जुलाई 29, 2009  को उनका देहांत हो गया था।
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