एक नाबालिग को दो महीने में जो यातनाएं दी गई वे बेहद शर्मनाक थी। वो ऐसे वहशीपन का शिकार हो रही थी कि सोचते ही रूह कांप जाए। इन ज्यादतियों के खिलाफ उसने हिम्मत जुटाई और जैसे तैसे अपने परिजनों को आपबीती फोन से बताई। जिसके बाद वो दरिंदों के चंगुल से बाहर निकल पाई।
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गुमशुदगी की रिपोर्ट करवाई दर्ज
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प्रतीकात्मक तस्वीर
मामला उदयपुर के झडोल तहसील से जुड़ा है। यहां के फलासिया थाना इलाके में रहने वाली नाबालिग दो माह से लापता थी। उसकी उम्र करीब पंद्रह साल थी। उधर, बालिका के गायब होने के बाद परिजन परेशान थे। उन्होंने उसके गायब होने की रिपोर्ट स्थानीय थाने में करवाई। पुलिस बालिका को तलाश नहीं कर पाई थी।
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परिजनों के पास आया फोन तो हुआ खुलासा
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Minor girl assaulted
फिर एक दिन परिजनों के पास बालिका का फोन आया और उसने अपने ब बारे में जानकारी देते अपनी व्यथा कही। परिजनों ने तुरंत पुलिस से सम्पर्क किया, जिसके बाद उसे छुड़ाया जा सका। बालिका को गुजरात के कच्छ जिले से छुड़वाया गया है। जांच में सामने आया कि कच्छ में वो बरगांव के रहने वाले धनराज पटेल के पास थी।
दो लाख रुपए में खरीदा था
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minor rape
तफ्तीश में सामने आया है कि इन दो महीनों में उसके साथ करीब दस अलग अलग लोगों ने दुष्कर्म किया है। धनराज पटेल ने उसे किसी दूसरे व्यक्ति से करीब दो लाख रुपए में खरीदा था। ऐसे में माना जा रहा है कि इससे पहले बालिका को बेचा जा चुका है।
Petition dismissed on seeking gender-neutral of rape law
मामले में परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस अब मामले में समझौता करवाने की कोशिश कर रही है। जबकि हम मामले में निष्पक्ष जांच के लिए कह रहे हैं। राजस्थान में नाबालिग लड़कियों के साथ हो रहे दुष्कर्म के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं।