जापान में पोर्न इंडस्ट्री के गोरखधंधे में लड़कियों को किस तरह धोखा देकर शामिल किया जाता है इसका खुलासा एक हीरोइन ने किया है। खुद इसका शिकार बनी साकी कोजाई ने बताया कि यह कंपनियां पहले कॉन्ट्रेक्ट साइन कराती हैं और फिर एक मौके पर आकर इनका असली चेहरा सामने आता है।
कोजाई ने बताया कि उसकी उम्र 24 साल थी जब उसके साथ धोखा हुआ था। कोजाई को लग रहा था कि प्रोमोशनल वीडियो में काम करके वह फेम हासिल कर लेगी, लेकिन काम के पहले दिन ही उसके साथ जो हुआ उससे उसकी जिंदगी में बर्बादी ने दस्तक दी।
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- फोटो : Hindustan Times
काम के पहले दिन कोजाई गिड़गिड़ाई और मांगी रहम की भीख
दरअसल, उस दिन कोजाई के सामने कई लोग मौजूद थे और उसे कपड़े उतारकर सेक्स करने के लिए कहा गया। अपने साथ ऐसा होता देख कोजाई रोने लगी और गिड़गिड़ाई भी थी। वहां पर कैमरे और 20 लोग मौजूद थे, लेकिन वह सभी लड़के थे। कंपनी ने एक अधिकारी ने कहा कि कॉन्ट्रेक्ट के मुताबिक उसका यही असल काम है। 20 लोगों के बीच फंसे होने के बाद घुटने टेकने के अलावा उसके पास और कुछ नहीं बचा था।
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- फोटो : Hindustan Times
पोर्न इंडस्ट्री के पीछे का काला सच
जापान में पोर्न इंडस्ट्री का धंधा आम हो गया है और इससे कंपनियां करोड़ों रुपये कमा रही हैं। 30 साल की कोजाई के मुताबिक पोर्न देखने वालों को लगता होगा कि लड़कियां सब अपनी मर्जी से करती हैं, लेकिन इसके पीछे के काले सच से वह अनजान रहते हैं। ये कंपनियां पहले तो मॉडलिंग और दूसरे शौक के सपने दिखाकर अपने साथ काम करने ले आती हैं, लेकिन बाद में उनसे जबरन इस तरह का काम करवाती हैं।
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक एजेंसी एएफपी को एक पीड़िता ने बताया कि उसे सिंगिंग करने के झूठे वादे के साथ जोड़ा गया। उसने इसके लिए कॉन्ट्रेक्ट भी साइन किया, लेकिन उसे काम की सच्चाई पता लगने के बाद गहरा धक्का लगा। कंपनी ने कई महीनों तक उसपर दबाव बनाकर कॉन्ट्रेक्ट के मुताबिक न चलने पर धोखाधड़ी और धमकी भी दी। मजबूरन पीड़िता को इस काले बाजार का हिस्सा बनना पड़ा।
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18 से 25 साल की लड़कियों की होती है तलाश
जापान के एक एनजीओ लाइटहाउस, जोकि मानव तस्करी के विरोध में काम कर रहा है, के मुताबिक उन्होंने 2016 में इस तरह की 60 अभिनेत्रियों को देह व्यापार के चंगुल से बचाया है। लाइटहाउस के प्रवक्ता ऑकी सेगावा ने बताया कि ज्यादातर पीड़िताएं अपने साथ हो रही ज्यादती के लिए डिप्रेशन में रहती हैं। साथ ही 18 साल से लेकर 25 साल तक की लड़कियों को ही पोर्न फिल्मों के लिए टारगेट बनाया जाता है।
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ज्यादातर पीड़िताओं को नहीं पता होते कॉन्ट्रेक्ट कानून
कोजाई ने बताया कि पोर्न फिल्म बनाने वाली कंपनियां यह पूरा धंधा एक सिलसिलेवार ढंग से चलाती हैं। ये पीड़िताओं को अपना झूठा चेहरा दिखा कर उनसे कॉन्ट्रेक्ट साइन कर लेती हैं। कोजाई के मुताबिक ज्यादातर लड़कियों को कानूनी नियम नहीं मालूम होते हैं और वह कॉन्ट्रेक्ट साइन कर देती हैं, जिसका परिणाम उनकी जिंदगी नरक बना देता है।
इतना ही नहीं पोर्न में काम करने के बाद उनका करियर पूरी तरह तबाह हो जाता है, क्योंकि कोई भी कंपनी उन्हें काम देने का जोखिम नहीं उठाना पसंद करती है। हालांकि, कोजाई ने अपने साथ हुई ज्यादती के खिलाफ आवाज उठाई थी और वह मुद्दा काफी दिनों तक सुर्खियों में भी छाया रहा था।
कोजाई का कहना है कि उसके मुहिम चलाने का मुख्य उद्देश्य यही है कि जो लड़कियां मॉडलिंग, सिंगर, या अभिनेत्री बनने जैसे सपने लेकर इंडस्ट्री में आना चाहती है, वह सतर्क रहें, क्योंकि कहीं न कहीं वह भी इसका शिकार बन सकती हैं।