योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके बाद केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा ने उप-मुख्यमंत्रियों के पद की शपथ ली। आदित्यनाथ की कैबिनेट में 46 मंत्रियों को शामिल किया गया है।
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यूपी : शपथ ग्रहण समारोह की टॉप 10 झलकियां
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प्रदेश का डिप्टी सीएम बनने वाले केशव प्रसाद मौर्य का जीवन संघर्ष से भरा रहा। पीएम मोदी की तर्ज पर केशव के पिता की भी एक चाय की दुकान थी। मौर्य ने 1989 से 2002 तक विश्व हिंदू परिषद में भी रहे। वर्ष 1996 में रामजन्म भूमि आंदोलन में मौर्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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कभी लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे दिनेश शर्मा सीधे मेयर से उपमुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गए हैं। ब्राह्मण जाति के दिनेश शर्मा लखनऊ के दो बार मेयर भी रह चुके हैं। 2008 में पहली बार दिनेश शर्मा लखनऊ के मेयर चुने गए। उनके काम को लखनऊ की जनता ने पसंद किया और 2012 में फिर से वो मेयर चुने गए।
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बीएसपी से बगावत कर बीजेपी में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को पडरौना से चौथी बार जीत मिली है और उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। मौर्या बसपा सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं और पिछड़ी जाति से हैं।
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लक्ष्मी नारायण चौधरी बीएसपी छोडककर बीजेपी में शामिल हुए थे। उन्होंने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। चौधरी का जाट समुदाय के बीच दबदबा माना जाता है और वह जाटों को समायोजित करने में सक्षम माने जाते हैं।
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पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतन चौहान को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वह अमरोहा की नौगांव सीट से विधायक चुने गए हैं। चौहान को 1981 में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने भारत के लिए कुल 40 टेस्ट मैच खेले।
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इलाहाबाद दक्षिण से भाजपा के विधायक नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। गुप्ता ने केशव मौर्य के कहने पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इनके घर पर 2009 में बम विस्फोट भी हुआ था, जिसमें एक पत्रकार की मौत हुई थी।
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भाजपा प्रवक्ता मोहसीन रजा को राज्यमंत्री पद की शपथ दिलवाई गई। योगी कैबिनेट में मुस्लिम चेहरे को शामिल करने के इस फैसले से सभी को हैरानी हो रही है क्योंकि भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव और उत्तर प्रदेश विधासभा चुनाव में 401 सीटों में एक भी मुस्लिम चेहरे को टिकट नहीं दिया था। जिसे लेकर काफी विवाद भी हुआ था।