हर साल की तरह इस साल भी 26 जुलाई को 'वर्ल्ड टाइगर डे' मनाया जा रहा है। इस अवसर पर दुनियाभर के देशों में टाइगरों की लगातार घटती संख्या रोकने के लिए लोगों के जागरूक करने का काम किया जाता है।
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इसका आयोजन दुनिया में लगातार घट रहे टाइगरों की सुरक्षा के प्रति लोगों के सजग करने के लिए किया जाता है। दुनियाभर में टाइगर लगातार विलुप्ति की ओर बढ़ रहे हैं।
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इसकी शुरुआत 29 जुलाई 2010 में संत पिटर्सबर्ग में आयोजित टाइगर समिट के साथ ही शुरू हुई।
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इसके तहत जानवरों के लिए काम करने वाली तमाम संस्थाएं आगे आईं और टाइगरों को संरक्षित करने के लिए साथ में काम करने का भरोसा दिलाया।
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भारत में भी जानेमाने सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने समुद्र किनारे शेर की आकृति बनाकर लोगों से टाइगर्स को बचाने की मुहिम से जुड़ने की अपील की।
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- फोटो : Getty
भारत में भी जानेमाने सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने समुद्र किनारे शेर की आकृति बनाकर लोगों से टाइगर्स को बचाने की मुहिम से जुड़ने की अपील की।
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भारत में कई ऐसे राज्य है जहां बाघों के संरक्षण के लिए टाइगर्स रिजर्वोयर बनाया गया है।
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रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने हाल ही में टाइगर्स के प्रति लोगों को जागरूक और उनके बारे में जानकारी साझा करने के उद्देश्य से सेमी लग्जरी 'टाइगर एक्सप्रेस' की शुरुआत की। इस ट्रेन में बाघों से संबंधित कई जानकारियां उपलब्ध कराई जाती हैं।
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आंकड़ों के मुताबिक 1913 में टाइगरों की संख्या करीब एक लाख थी लेकिन 100 साल बाद उनकी आबादी महज तीन से चार हजार तक ही सिमट कर रह गई है।