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अगर आपके पास हैं ये पांच चीजें तो कोई छू तक नहीं सकेगा आपको

Tue, 12 Mar 2019 06:35 PM IST
Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली 
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मार्शल आर्ट ट्रेनर शिफू कनिष्क शर्मा
खुद की सुरक्षा, यह एक मुद्दा है जो स्त्री-पुरुष दोनों के लिए समान महत्व रखता है। हमारे देश में अभी तक जो प्रचलन है, उसमें पुलिस तब ही मौके पर पहुंच पाती है, जब कोई भी घटना या वारदात हो चुकी होती है। इन सबके बीच एक नई बात यह आई है कि अगर आपके पास पांच चीजें हैं तो कोई भी आपको छूने का दुस्साहस नहीं कर सकेगा।

अगर वह ऐसा करेगा तो मुंह की खाएगा। जो ये पांच चीजें हैं, वे न तो गैर-कानूनी हैं और न ही उनके लिए कोई लाइसेंस चाहिए। वॉल पैन, मोबाइल फोन, हेयर पिन, क्रेडिट-डेबिट कार्ड और पर्स, यही आपकी सुरक्षा करने वाले अचूक हथियार हैं। अगर आप इन्हें चलाने में निपुण हैं तो हमलावर को जमीन पर गिराने में केवल 3 से 5 सेकेंड का समय लगेगा। 
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शिफू कनिष्क शर्मा माधुरी के साथ
इंडियन आर्मी, स्पेशल फोर्सेस, सीआईएसएफ एवं दूसरे अर्धसैनिक बल, डीएमआरसी, दिल्ली पुलिस, एयरफोर्स, मेरिन कमांडो, एनएसजी और छत्तीसगढ़ पुलिस के अलावा डॉन, दन दना दन गोल और गुलाब गैंग जैसी हिंदी फ़िल्मों में एक्शन कोरियोग्राफी कर चुके मार्शल आर्ट ट्रेनर शिफू कनिष्क शर्मा ने यह दावा किया है। उनका कहना है कि मार्शल आर्ट केवल सुरक्षा करने का तरीका नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को अच्छा इंसान बनाने में खासी मददगार साबित होती है।

इससे मन शांत रहता है और व्यक्ति अनुशासन में बंध जाता है। इजराइल और चीन के लोग तो मार्शल आर्ट बड़े पैमाने पर सीखते हैं। नतीजा, वहां चोरी, मारपीट या छेड़छाड़ जैसी घटनाएं उतनी नहीं होती, जितनी भारत में देखने को मिलती है। अगर किसी व्यक्ति ने मार्शल आर्ट की पूरी ट्रेनिंग ली है तो वह एक साथ पांच-छह लोगों से निपट सकता है। 
 
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आप किसी भी व्यक्ति को 3-5 सेकेंड में निपटा सकते हैं

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शिफू कनिष्क शर्मा अनिल कपूर के साथ
आजकल सभी महिलाओं या पुरुषों के पास चार-पांच चीजें ऐसी होती हैं, जिनकी मदद से छेड़छाड़ करने वाले या हमलावरों से सरलतापूर्वक निपटा जा सकता है। वॉल पैन, मोबाइल फोन, बालों में लगाने वाली पिन, पर्स, क्रेडिट-डेबिट कार्ड, डीएल या लेपटॉप बैग में से यदि कोई एक चीज भी आपके पास है तो समझ लें कि आप सुरक्षित हैं।

15 दिन की ट्रेनिंग में रोजाना दो-तीन घंटे कड़ा अभ्यास कर यह सिखाया जाता है कि उक्त चीजों के द्वारा किस तरह आप खुद का बचाव और हमलावर को जमीन दिखा सकते हैं।

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शिफू कनिष्क शर्मा अनिल प्रियंका चोपड़ा के साथ
क्रेडिट-डेबिट कार्ड, हेयर पिन या पर्स, इनका वार जब हमलावर के आंख और चेहरे पर होता है तो उसे जमीन पर गिरने में देर नहीं लगती। 12 ऐसे प्रेशर प्वाइंट होते हैं, जिन पर इन चीजों से हमला किया जाए तो हमलावर को सबक सिखाया जा सकता है। आत्मरक्षा के लिए इन चीजों का इस्तेमाल कानून के दायरे में आता है। 
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चीन, अमेरिका, फिलीपींस व थाईलैंड में 'पेकेति तिरसिया काली' बेहद लोकप्रिय है

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मार्शल आर्ट ट्रेनर शिफू कनिष्क शर्मा
शिफू कनिष्क शर्मा का कहना है कि चीन, अमेरिका, फिलीपींस व थाईलैंड में 'पेकेति तिरसिया काली' मार्शल आर्ट बेहद लोकप्रिय है। भारत में आर्मी एवं दूसरे सुरक्षा बलों के अलावा दिल्ली मेट्रो के महिला कोच में तैनात सीआईएसएफ की महिला कमांडो को भी इस आर्ट की ट्रेनिंग दी गई है। 'पेकेति तिरसिया काली' सीखने वाला व्यक्ति स्वचालित हथियारों से लैस व्यक्ति का भी मुकाबला कर सकता है। भारतीय सेना में पिछले आठ साल के दौरान मार्शल आर्ट के करीब 5000 हजार इन्स्ट्रक्टर तैयार किए गए हैं।
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मार्शल आर्ट ट्रेनर शिफू कनिष्क शर्मा
इस आर्ट को स्कूल-कालेज में बड़े स्तर पर सिखाना चाहिए। बतौर कनिष्क, यदि किसी एक इलाके में लोगों को यह मालूम हो कि वहां दो-तीन सौ महिलाओं ने 'पेकेति तिरसिया काली' सीखी है तो असामाजिक तत्व किसी के साथ छेड़छाड़ जैसी हरकत करने का दुस्साहस नहीं जुटा पाएंगे। इसी तरह शिक्षण संस्थानों में भी इस कला को सिखाने के उपाए किए जाएं। कनिष्क ने गोवा, मुंबई, हैदराबाद, नोएडा और नैनीताल में ट्रेनिंग सेंटर खोले हैं। 
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