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बाप-बेटी में जंग: जानें कौन हैं शेहला रशीद, जो हमेशा विवादों से घिरी रहीं

Tue, 01 Dec 2020 03:33 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शेहला रशीद (फाइल फोटो) - फोटो : social media
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद एक बार फिर सुर्खियों में छा गई हैं। उनके पिता ने उन पर देशद्रोह समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शेहला के पिता अब्दुल रशीद शोरा ने आरोपों को लेकर जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। ऐसे में आइए जानते हैं कि कौन हैं शेहला रशीद...
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शेहला रशीद (फाइल फोटो) - फोटो : social media
जेएनयू से कर रही हैं पीएचडी, कर चुकी हैं इंजीनियरिंग
शेहला रशीद का जन्म जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के हब्बा कडाल में 30 अप्रैल 1988 को हुआ। शेहला का पूरा नाम शेहला रशीद शोरा है। उनके पिता का नाम अब्दुल रशीद शोरा है। शेहला की मां को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन बताया जाता है कि वह पेशे से नर्स हैं। शेहला ने अपनी शुरुआती शिक्षा कश्मीर से पूरी की है। 

उन्होंने श्रीनगर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की हुई है। इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने कुछ समय तक एचसीएल टेक्नोलॉजी में काम भी किया। हालांकि, जल्द ही उनका काम से मोहभंग हो गया और उन्होंने फिर से पढ़ाई शुरू कर दी। 



शेहला ने इसके बाद दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दाखिल लिया और यहां से समाजशास्त्र में एम.ए. और फिर कानून और शासन में एमफिल किया। वहीं, वर्तमान में शेहला रशीद जेएनयू से पीएचडी कर रही हैं। एक टीवी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि वह भारत की बहुत ही हिंसक तस्वीर देखते हुए बड़ी हुई हैं, लेकिन जेएनयू ने उन्हें लोकतांत्रिक स्पेस दिया है। 
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शेहला रशीद (फाइल फोटो) - फोटो : social media
जेएनयू विवाद से सुर्खियों में छाईं
शेहला रशीद सामाजिक कार्यों को लेकर 2010 से ही सक्रिय हैं। इस दौरान उन्होंने कश्मीर में यूथ लीडरशिप प्रोग्राम को लेकर कार्यक्रमों का आयोजन किया। हालांकि, उन्हें पहचान तब मिली जब वह साल 2015 में जेएनयू छात्रसंघ की उपाध्यक्ष चुनी गईं। 

फरवरी, 2016 में जब जेएनयू के एक कार्यक्रम के दौरान देशविरोधी नारे लगे तो शेहला रशीद जेएनयू की उपाध्यक्ष थीं और कन्हैया कुमार अध्यक्ष थे। इस घटना के बाद देशभर में उनके नाम की चर्चा शुरू हो गई। देश विरोधी नारों के आरोप में कन्हैया को जेल जाना पड़ा, हालांकि शेहला रशीद के ऊपर खास कार्रवाई नहीं हुई। कन्हैया कुमार समेत अन्य छात्रों पर लगे आरोपों को लेकर वह मुखर रहीं थीं। उन्होंने कई मंचों पर कन्हैया कुमार पर लगे आरोपों का खंडन किया।  

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शेहला रशीद (फाइल फोटो) - फोटो : social media
राजनीति में आजमाया हाथ, लेकिन नहीं मिली सफलता
शेहला रशीद ने अपनी राजनीति की शुरुआत करते हुए जम्मू-कश्मीर की सबसे बड़ी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस का दामन थामा। लेकिन जल्द ही उनका पार्टी से मोहभंग हो गया और उन्होंने  प्रशासनिक सेवा की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए शाह फैसल की पार्टी जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट का दामन थाम लिया। हालांकि, राजनीति में शेहला को खास सफलता नहीं मिली। पार्टी के टिकट पर शेहला ने चुनाव भी लड़ा था, लेकिन कामयाबी नहीं मिली तो राजनीति से ही तौबा कर ली। 
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शेहला रशीद (फाइल फोटो) - फोटो : social media
शेहला रशीद के कुछ प्रमुख विवाद
शेहला ने 18 अगस्त 2019 को कई ट्वीट करते हुए सेना पर सवाल खड़े किए थे और कश्मीरियों पर अत्याचार करने के आरोप लगाए थे। हालांकि सेना ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने शेहला रशीद के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया था।  

अक्तूबर 2018 में उन्होंने एक आइरिश गायिका के धर्म परिवर्तन को लेकर ट्वीट किया था। जिसे लेकर काफी ट्रोल हुई थीं और अपना ट्विटर अकाउंट भी बंद कर दिया था जो उन्होंने बाद में खोला। 

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन ने फरवरी 2017 में पैगंबर मोहम्मद साहब पर एक फेसबुक पोस्ट लिखने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। शेहला पर आरोप था कि उन्होंने अपने पोस्ट में पैगंबर के लिए काफी आपत्तिजनक बात लिखी थी। 
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