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गांधी परिवार से वापस ली जाएगी SPG सुरक्षा, जानिए क्या होती है X, Y, Z और Z+ सुरक्षा

Fri, 08 Nov 2019 04:19 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एसपीजी सुरक्षा - फोटो : SPG Website
केंद्र सरकार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन फोर्स) सुरक्षा हटाने का फैसला लिया है। इन तीनों की एसपीजी सुरक्षा को चरणों में हटाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय की सुरक्षा समीक्षा कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। 



अब सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास ही एसपीजी सुरक्षा रहेगी। कमेटी की सिफारिश के अनुसार अब गांधी परिवार के सदस्य को एसपीजी के बजाय सीआरपीएफ की जेड प्लस सुरक्षा प्रदादन की जाएगी।
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सोनिया गांधी, राहुल, प्रियंका (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
भारत में सुरक्षा की श्रेणी खतरे के स्तर के साथ एक स्टेटस सिंबल भी माना जाता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) की सिफारिश पर हर साल विशिष्ट लोगों की सुरक्षा की समीक्षा करता है। खतरे के स्तर को देखते हुए विशिष्ट और अति विशिष्ट लोगों को विभिन्न स्तर की सुरक्षा दी जाती है।
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एसपीजी सुरक्षा - फोटो : SPG Website
एसपीजी सुरक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गांधी परिवार को एसपीजी की सुरक्षा प्राप्त थी। पर गांधी परिवार की एसपीजी की सुरक्षा अब हट जाएगी। यह सुरक्षा का सबसे ऊंचा स्तर होता है। इसमें तैनात कमांडो के पास अत्याधुनिक हथियार और संचार उपकरण होते हैं। 

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राहुल गांधी-मनमोहन सिंह - फोटो : ANI
पहले यह सुरक्षा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी मिली हुई थी लेकिन आईबी रिपोर्ट की समीक्षा के बाद खतरे के कम स्तर को देखते हुए उनसे यह सुरक्षा वापस ले ली गई थी।
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जेड प्लस श्रेणी सुरक्षा
जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा
स्पेशल प्रोटक्शन ग्रुप की सुरक्षा के बाद जेड प्लस भारत की सर्वोच्च सुरक्षा श्रेणी है। इस श्रेणी में संबंधित विशिष्ट व्यक्ति की सुरक्षा में 36 जवान लगे होते हैं। इसमें 10 से ज्यादा एनएसजी कमांडो के साथ दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ के कमांडो और राज्य के पुलिसकर्मी शामिल होते हैं। 
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जेड प्लस सुरक्षा - फोटो : सोशल मीडिया
जेड प्लस सुरक्षा में हर कमांडो मार्शल आर्ट और निहत्थे युद्ध करने की कला में माहिर होता है। सुरक्षा में लगे एनएसजी कमांडो के पास एमपी 5 मशीनगन के साथ आधुनिक संचार उपकरण भी होता है। इसके अलावा इनके काफिले में एक जैमर गाड़ी भी होती है जो मोबाइल सिग्नल जाम करने का काम करती है। देश में चुनिंदा लोगों को ही जेड प्लस की सुरक्षा प्राप्त है।
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जेड श्रेणी सुरक्षा
जेड श्रेणी की सुरक्षा
जेड श्रेणी की सुरक्षा में चार से पांच एनएसजी कमांडो सहित कुल 22 सुरक्षागार्ड तैनात होते हैं। इसमें दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ के कमांडो व स्थानीय पुलिसकर्मी भी शामिल होते हैं।

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वाई श्रेणी की सुरक्षा
वाई श्रेणी की सुरक्षा
यह सुरक्षा का तीसरा स्तर होता है। कम खतरे वाले लोगों को यह सुरक्षा दी जाती है। इसमें कुल 11 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं। जिसमें दो पीएसओ (निजी सुरक्षागार्ड) भी होते हैं। इस श्रेणी में कोई कमांडो नहीं तैनात होता है। देश में सबसे ज्यादा लोगों को वाई श्रेणी की सुरक्ष दी गई है।

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दिल्ली पुलिस - फोटो : अमर उजाला
एक्स श्रेणी की सुरक्षा
इस श्रेणी में दो सुरक्षा गार्ड तैनात होते हैं। जिसमें एक पीएसओ (व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी) होता है। देश में काफी लोगों को एक्स श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है।
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लालू यादव - फोटो : PTI
कुछ महीने पहले गृह मंत्रालय ने सुरक्षा समीक्षा के आधार पर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, बिहार के सारण से भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी की सुरक्षा हटा दी थी। वहीं बिहार के जमुई से लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद चिराग पासवान की सुरक्षा में लगे सीआरपीएफ जवानों को वापस बुला लिया गया था। चिराग की सुरक्षा श्रेणी में कटौती करते हुए अब उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई। 
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