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Weather In Photos: राजस्थान में बारिश से 22 लोगों की मौत; दिल्ली-बंगलूरू और हिमाचल में भी जनजीवन अस्त-व्यस्त

Tue, 13 Aug 2024 12:03 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/जयपुर
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राजस्थान में बारिश से सड़कें बनीं तालाब - फोटो : पीटीआई
देश के कई हिस्सों में भारी बारिश के बीच सोमवार को राजस्थान में आठ लोगों की मौत हो गई। बांधों और नदियों में पानी के उफान के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गईं और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश ने राज्य के करौली और हिंडौन में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। जहां पिछले दो दिनों में अब तक बारिश से संबंधित घटनाओं से 22 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा, आपदा राहत बलों ने करौली और हिंडौन में करीब 100 लोगों को बचाया है। भारी बारिश की भविष्यवाणी के बाद जयपुर, सवाई माधोपुर, भरतपुर, दौसा और करौली जिलों में स्कूल बंद रहे। वहीं, बंगलूरू और दिल्ली में भी सड़कें जलमग्न होने से जन-जीवन अस्त-व्यस्त रहा। इसके अलावा, हिमाचन के छह जिलों में भारी बारिश के चलते सैकड़ों सड़कें बंद हो गई हैं। 

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राजस्थान में जलभराव से निकलते वाहन - फोटो : पीटीआई
आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव भागवत सिंह ने कहा, करौली और हिंडौन शहर में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों ने लगभग 100 लोगों को निकाला है। जयपुर के कानोता बांध में रविवार शाम बहे पांच लोगों के शव बाहर निकाले गए। हालांकि, गलता कुंड में नहाते वक्त दो और लोग डूब गए। उन्होंने बताया कि सोमवार को मोरोली बांध में बह जाने से दौसा में एक 30 वर्षीय व्यक्ति की भी मौत हो गई।
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बंगलूरू में बारिश के बाद प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेते उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार - फोटो : पीटीआई
बंगलूरू में बारिश से सड़कों पर जलभराव, जनजीवन अस्त-व्यस्त
बंगलूरू में पीक-आवर ट्रैफिक जाम रहा। उत्तरी और पूर्वी हिस्सों के कई इलाकों में बारिश से सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे ऑफिस जाने वालों और स्कूली बच्चों को विशेष रूप से असुविधा हुई। नागवारा जंक्शन और हेब्बल के बीच बाहरी रिंग रोड और इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी रोड पर वीरसंद्रा, होसुर रोड और बन्नेरघट्टा रोड के कुछ हिस्से बुरी तरह प्रभावित हुए। मराठल्ली, कार्तिक नगर और कल्याण नगर, पुत्तेनहल्ली, वरथुर कोडी, पनाथुर मेन रोड समेत अन्य इलाकों में भारी जलभराव देखा गया। निचले इलाकों में कुछ घर और आवासीय लेआउट जलभराव और परिसर में पानी घुसने से प्रभावित हुए हैं। कई अंडरपास भी जलमग्न हो गए। वहीं, बंगलूरू विकास के प्रभारी और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्थिति का आकलन करने के लिए बारिश प्रभावित कुछ क्षेत्रों का दौरा किया।

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बारिश से सड़कें हुईं जलमग्न - फोटो : पीटीआई
दिल्ली में जमकर बरसे बदरा 
इधर, देश की राजधानी दिल्ली के सफदरजंग वेधशाला, प्राथमिक मौसम केंद्र ने 12.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि लोदी रोड वेधशाला में सुबह 11.30 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच 13.6 मिमी, पालम में 10.5 मिमी और नजफगढ़ में 30 मिमी बारिश दर्ज की गई। लोक निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि जलभराव के संबंध में 10 शिकायतें मिलीं और अधिकांश का समाधान कर दिया गया है। मुंडका में जलभराव से टिकरी बॉर्डर से पीरागढ़ी तक रोहतक के दोनों कैरिजवे पर यातायात प्रभावित हुआ। दिल्ली पुलिस ने बहादुरगढ़ से पीरागढ़ी जाने वाले यात्रियों से पीरागढ़ी पहुंचने के लिए हरोधा-नजफगढ़ मार्ग या यूईआर-III और फिर नजफगढ़-नांगलोई रोड लेने का आग्रह किया। एमबी रोड पर भी जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ।
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सड़कों पर जलभराव - फोटो : पीटीआई
बारिश से हिमाचल में अब तक 1004 करोड़ रुपये का नुकसान
इसके अलावा, पहाड़ी राज्य हिमाचल में भारी बारिश के चलते 197 सड़कें बंद हो गईं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, शिमला में 66, सिरमौर में 58, मंडी में 33, कुल्लू में 26, किन्नौर और लाहौल और स्पीति में पांच-पांच और कांगड़ा जिले में चार सड़कें बंद हैं। वहीं, सोमवार को 221 बिजली और 143 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित रहीं। बारिश से संबंधित घटनाओं में अब तक करीब 110 लोगों की मौत हो चुकी है और 27 जून से 12 अगस्त के बीच लगभग 1004 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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बारिश से जलभराव के बीच फंसा ई-रिक्शा - फोटो : पीटीआई
31 जुलाई को आई आपदा में लापता हुए 30 लोगों का नहीं लगा पता
रविवार शाम से नागल बांध में 115 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद कसौली में 87, ऊना में 56, नैना देवी में 82.2, ओलिंडा में 79, जट्टन बैराज में 75.4, नादौन में 72.5 और पोंटा में 62 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम कार्यालय ने कहा कि साहिब, सुजानपुर टीरा में 60.6 मिमी और धौलाकुआं में 56.5 मिमी बारिश हुई। कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में 31 जुलाई को आई बाढ़ के बाद लापता हुए लगभग 30 लोगों का पता लगाने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। 
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