हाल ही में संसद में पेश हुए बजट में सरकार ने सोने पर 1% उत्पाद कर बढ़ा दिया था जिसकी वजह से आभूषण कारोबारी काफी नाराज हैं। देशभर के व्यापारी अलग-अलग तरीकों से इसका विरोध कर रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के आभूषण व्यापारियों ने विरोध का नायाब तरीका निकाला है।
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'चाय पर खर्चा'
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व्यापारियों का विरोध
- फोटो : Ramji Srivastava/Bureau, Amar Ujala
वाराणसी के आभूषण व्यापारियों ने उत्पाद कर के विरोध में आभूषणों की दुकान बंद कर चाय और सब्जियां बेच रहे हैं। वाराणसी स्थित गोदौलिया चौराहे पर शुक्रवार के दिन व्यापारियों ने 'चाय पर खर्चा' नाम से एक स्टॉल लगाया और चाय बेचने लगे।
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व्यापारियों का विरोध
- फोटो : Ramji Srivastava/Bureau, Amar Ujala
इस दौरान शहर के कई नामी आभूषण व्यापारियों ने चौराहे पर खड़े होकर चाय बेची। व्यापारियों का कहना है कि उत्पाद कर बढ़ने की वजह से उनके व्यापार पर इसका प्रतिकुल प्रभाव पड़ेगा। यह कार्यक्रम वाराणसी रिटेल ज्वेलर्स एशोशिएन के अगुवाई में आयोजित की गई थी।
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व्यापारियों का प्रदर्शन
- फोटो : Ramji Srivastava/Bureau, Amar Ujala
उनका कहना है कि देश में अधिकतर खुदरा आभूषण व्यापारी हैं और उत्पाद कर बढ़ने की वजह से आभूषण बनाने का खर्च काफी महंगा हो जाएगा। इसके वजह से आभूषणों के दाम बढ़ने लाजमी हैं।
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व्यापारियों से मांगा दूसरा विकल्प
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व्यापारियों का प्रदर्शन
- फोटो : Ramji Srivastava/Bureau, Amar Ujala
वहीं वित्त मंत्रालय की ओर से भी एक नया बयान सामने आया है जिसमें व्यापारियों से उत्पाद कर की जगह दूसरा विकल्प बताने का प्रस्ताव रखा गया है। अब व्यापारियों को यह नहीं समझ आ रहा कि आखिर वे कौन सा दूसरा विकल्प उन्हें बताएं।
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इंडिया बुलियन ने भी जताई चिंता
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व्यापारियों को विरोध
- फोटो : Ramji Srivastava/Bureau, Amar Ujala
सरकार के इस फैसले पर इंडिया बुलियन एवं ज्वेलरी एसोसिएशन ने भी चिंता जाहिर की है। उसका मानना है कि सरकार के इस फैसले के बाद रत्न एवं आभूषण निर्माण का काम करने वाले ज्यादातर लोगों के सामने बेरोजगारी की समस्या खड़ी होगी।
व्यापारियों का विरोध
- फोटो : Ramji Srivastava/Bureau, Amar Ujala
मोदी के 'चाय पर चर्चा' कार्यक्रम के तर्ज पर 'चाय पर खर्चा' कार्यक्रम का आयोजन कर चाय बेचने वाले व्यापारियों ने एक दिन पहले ही रथयात्रा चौराहे पर स्टॉल लगाकर सब्जियां बेची थी।