एफआईआई ने बाजार से निकाले 1,586 करोड़
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार से इस महीने में अब तक 1,586 करोड़ रुपये की निकासी की है। इससे पहले सितंबर में इन्होंने 7,600 करोड़ रुपये की निकासी की थी। अगस्त में इन्होंने 51,200 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी की थी।
आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ दिनों से इनकी निकासी में कमी आई है। हालांकि, पिछले 4 दिनों में इन निवेशकों ने 6,000 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इस साल में अब तक 1.70 लाख करोड़ रुपये के शेयर एफआईआई ने बेचे हैं।
अदाणी समूह करेगा 150 अरब डॉलर का निवेश
गौतम अदाणी का समूह हरित ऊर्जा से लेकर सभी कारोबारों में 150 अरब डॉलर का निवेश करेगा। इसमें डाटा सेंटर से लेकर एयरपोर्ट और हेल्थकेयर भी शामिल होंगे। इससे कंपनी का मूल्यांकन एक लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचने में मदद मिलेगी। अदाणी समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी जगशिंदर सिंह ने बताया था कि समूह आगे बहुत ही तेजी से काम करने की योजना बना रहा है। इसमें से 50-70 अरब डॉलर का निवेश ग्रीन हाइड्रोजन के कारोबार में किया जाएगा।
यूपीआई की तरह उद्योग के लिए परिवर्तनकारी होगा बीमा सुगम
बीमा नियामक इरडा के चेयरमैन देबाशीष पांडा ने कहा कि बीमा सुगम बीमा उद्योग के लिए उसी तरह परिवर्तनकारी होगा जिस तरह से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने देश में डिजिटल भुगतान को बदलकर रख दिया है।
बीमा सुगम से बीमा की खरीद-बिक्री, पॉलिसी से जुड़े कार्यों, दावों का निपटारा जैसे सभी काम हो सकेंगे। बीमा कंपनियां इस प्लेटफॉर्म पर आ सकती हैं, इसमें ‘एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) के माध्यम से काम होंगे।
उन्होंने बताया कि एजेंट, वेब एग्रीगेटर (विभिन्न कंपनियों की पॉलिसी आदि की जानकारी देने वाली वेबसाइट) समेत सभी बीमा मध्यवर्ती की इस पोर्टल तक पहुंच होगी। उन्होंने कहा कि जहां तक बीमा पॉलिसीधारकों की बात है तो वे सीधे भी उत्पाद खरीद सकते हैं या फिर मदद लेकर ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा, हो सकता है कि कई लोग सहायता लेकर यह करना चाहें और इसके लिए किसी मध्यवर्ती को चुनें।
यह प्लेटफॉर्म पॉलिसीधारकों और संभावित ग्राहकों को उत्पाद, कंपनी और भुगतान के कई विकल्प देगा। पांडा ने कहा, यह शॉपिंग मॉल की तरह है जहां आप जाकर खरीद कर सकते हैं। केवाईसी आधार संख्या के जरिये होगा।