देश के विकास की रीढ़ कहे जाने वाले राजमार्ग और सड़कें आर्थिक विकास को रफ्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गडकरी ने बताया कि उनका लक्ष्य अगले दो वर्षों में नए राजमार्गों और वैकल्पिक और बायो-फ्यूल (जैव ईंधन) को प्राथमिकता देकर देश में मौजूदा 14-16 प्रतिशत लॉजिस्टिक लागत को घटाकर 9 प्रतिशत करना है।
देश के विकास की रीढ़ कहे जाने वाले राजमार्ग और सड़कें आर्थिक विकास को रफ्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान, सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारत के राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि नौकरियों के सृजन, गरीबी को कम करने और राष्ट्रीय प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा जरूरी है।
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National Highway
- फोटो : PTI
गडकरी ने कहा कि राजमार्गों के निर्माण से देश में पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि देश में जल, बिजली, परिवहन और संचार के विकास से पूंजी निवेश बढ़ता है, जिससे व्यापार, व्यवसाय और उद्योग में बढ़ोतरी होती है। मंत्री ने कहा कि इससे प्रति व्यक्ति आय में भी इजाफा होता है और गरीबी में कमी आती है।
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National Highway
- फोटो : X/@Nitin_Gadkari
नए राजमार्ग पर्यावरण को बचाने में मदद करते हैं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नए राजमार्गों के निर्माण से संवेदनशील क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। इस बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि यह धारणा पूरी तरह से गलत है। उन्होंने आगे बताया कि इन राजमार्गों के निर्माण से ईंधन की खपत में कमी आई है, जिससे पहले की तुलना में प्रदूषण भी कम हुआ है।
उन्होंने आगे बताया कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और यूईआर 2 जैसी सड़कों के निर्माण में 80 लाख टन से अधिक कचरे का इस्तेमाल किया गया है।
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Petrol Pump
- फोटो : Adobe Stock
लॉजिस्टिक लागत कम करने पर ध्यान केंद्रित
गडकरी ने बताया कि उनका लक्ष्य अगले दो वर्षों में नए राजमार्गों और वैकल्पिक और बायो-फ्यूल (जैव ईंधन) को प्राथमिकता देकर देश में मौजूदा 14-16 प्रतिशत लॉजिस्टिक लागत को घटाकर 9 प्रतिशत करना है। अपनी बातचीत के दौरान, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य का समर्थन करने के लिए मंत्रालय द्वारा की गई दो महत्वपूर्ण पहलों का जिक्र किया।
पहली पहल में दिल्ली से मद्रास तक 36 सड़कों का निर्माण और मौजूदा सड़कों की क्षमता का विस्तार करना शामिल है। जिससे यात्रा के समय में बहुत ज्यादा कमी आएगी। बायो-फ्यूल और वैकल्पिक ईंधन को प्राथमिकता देने की दूसरी पहल प्रदूषण के साथ-साथ ईंधन की लागत को कम करने के लिए की गई है।