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Shivsena Foundation Day: 'सत्ता के लिए बेचैन हैं उद्धव, गिरगिट की तरह बदलते हैं रंग', एकनाथ शिंदे का करारा तंज

Thu, 19 Jun 2025 11:05 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Shivsena Foundation Day: शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने अपने प्रमुख विपक्षी दल के नेता उद्धव ठाकरे करारा हमला बोलते हुए उन्हें स्वार्थी, अवसरवादी और सत्ता के भूखे नेता करार दिया। उन्होंने खुद को बाला साहेब ठाकरे के विचारों का सच्चा वारिस बताया और हिंदुत्व की रक्षा के लिए कोई समझौता न करने की बात दोहराई।
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एकनाथ शिंदे का उद्धव पर करारा हमला - फोटो : PTI
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उद्धव सत्ता के लिए इतने बेताब हैं कि वे गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे मुंबई में पार्टी के 59वें स्थापना दिवस पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि 'मेरे आत्मविश्वास ने मुझे सफलता दिलाई, लेकिन उद्धव का घमंड उन्हें तबाह कर रहा है।'

उद्धव की राजनीति पर हमला
एकनाथ शिंदे ने कहा कि उद्धव ठाकरे अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) से भी गठबंधन करने को तैयार हैं, जो यह दिखाता है कि वे सिर्फ सत्ता की भूख में कुछ भी कर सकते हैं। शिंदे ने तंज कसते हुए कहा, 'वो अब गठबंधन के लिए दर-दर भटक रहे हैं'।

बाला साहेब की असली विरासत
एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि असली शिवसेना वही है जिसके पास धनुष-बाण का चुनाव चिन्ह और जनता का साथ है। 'हमने बाला साहेब की हिंदुत्ववादी विचारधारा को संभाला है, जबकि उन्होंने (उद्धव) उसे त्याग दिया'। उन्होंने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनावों में शिवसेना (यूबीटी) को जो भी वोट मिले, वे कांग्रेस की वजह से थे, असली शिवसैनिकों ने उन्हें छोड़ दिया है।

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एकनाथ शिंदे का उद्धव पर करारा हमला - फोटो : PTI
घमंड बनाम आत्मविश्वास
इस दौरान एकनाथ शिंदे ने कहा, 'हमारे पास आत्मविश्वास है, उनके पास सिर्फ घमंड है। उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए कांग्रेस से हाथ मिलाना बाला साहेब के आदर्शों के खिलाफ है। जो लोग सत्ता के लिए मजबूर हैं, वे बाला साहेब के उत्तराधिकारी नहीं हो सकते'।

हिंदुत्व पर शिंदे की दो टूक
इस मौके पर एकनाथ शिंदे ने पूछा, 'क्या हिंदुत्व कोई टी-शर्ट है, जिसे जब चाहा पहन लिया और जब चाहा उतार दिया?', उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे उन दलों के साथ खड़े हैं जो प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, वीर सावरकर और हिंदू धर्म की आलोचना करते हैं।

'मराठी मानुस' की बात पर निशाना
एकनाथ शिंदे ने आगे कहा, कि 'जब पहलगाम हमले में महाराष्ट्र के पर्यटक मारे गए, तब उद्धव ठाकरे कहां थे?' शिंदे ने आरोप लगाया कि 'मराठी अस्मिता' की बातें सिर्फ दिखावा हैं। वहीं शिंदे ने उद्धव के 'मार डालो मुझे' बयान का मजाक उड़ाते हुए कहा – 'जिसका राजनीतिक अंत हो चुका है, उसे कोई क्या मारेगा?' 'मैंने तो उनकी रथयात्रा पलट दी और उनके घोड़े भी ले गया।'

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शिवसेना का 59वां स्थापना दिवस - फोटो : PTI
देशभक्ति बनाम अवसरवाद
इस दौरान शिंदे ने दावा किया कि बाला साहेब होते तो 'ऑपरेशन सिंदूर' के लिए प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते, लेकिन कांग्रेस सेना पर सवाल उठा रही है। शिंदे ने कहा, 'राहुल गांधी पाकिस्तान में हीरो हैं, लेकिन भारत में जीरो हैं'।

महिलाओं के लिए नई योजना
उन्होंने कहा कि लाडकी बहिन योजना की तर्ज पर अब लड़की सून (बहू) योजना शुरू की गई है, जो घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं की मदद करेगी।

BMC और स्थानीय चुनाव की तैयारी
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका को कुछ लोग सोने की अंडा देने वाली मुर्गी समझते हैं। 'उनकी आत्मा बीएमसी के खजाने में है, लेकिन हमारी आत्मा हिंदुत्व में है'। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्व शिवसेना के 50 पार्षद अब उनके साथ हैं और पार्टी स्थानीय चुनावों में जीत के लिए पूरी ताकत लगाएगी। शिंदे ने अपने समर्थकों से कहा, 'विधानसभा चुनाव के नतीजों से गुमराह मत होइए, अगला लक्ष्य स्थानीय निकाय चुनाव है'।

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