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दुनिया से रिश्ता तोड़कर 28 सालों से अकेला है ये देश, बॉलीवुड के दीवाने हैं यहां के लोग

Sun, 05 May 2019 02:34 PM IST
आसिम खान रिसर्च डेस्क
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तुर्कमेनिस्तान (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
जहां दुनिया के देश एक दूसरे के साथ दोस्ताना संबंध बढ़ा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर उत्तर कोरिया की तरफ एक देश ऐसा है जो पिछले 28 सालों से दुनिया से अलग-थलग पड़ा है। वो देश है एशिया का तुर्कमेनिस्तान। 
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तुर्कमेनिस्तान (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
तुर्कमेनिस्तान मध्य एशिया में स्थित तुर्की देश है। लोग इस देश को तुर्कमेनिया के नाम से भी जानते हैं। 1991 तक यह सोवियत संघ का एक घटक गणतंत्र था। इस देश के नागरिकों को खुलकर बोलने और घूमने की आजादी नहीं है। 
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तुर्कमेनिस्तान (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
इस देश की जनसंख्या लगभग 50 लाख है। 1991 में सोवियत यूनियन से अलग होने के बाद सपरमारुत नियाजोव ने यहां की सत्ता संभाली। अपने कार्यकाल में नियाजोव एक तानाशाह की तरह उभरे। यहां के नागरिकों को अपने कुछ एक अधिकारों तक के लिए संघर्ष करना पड़ता है। 

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तुर्कमेनिस्तान (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने और खुलकर बोलने की आजादी भी नहीं है। इस देश में मीडिया तो दूर फोटोग्राफी करने की भी मनाही है। यहां पर राष्ट्रपति के पोस्टर हर जगह पर लगे हुए दिखाई देते हैं।
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तुर्कमेनिस्तान (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
अलग-थलग होने के बाद भी तुर्कमेनिस्तान दुनियाभर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। इस देश की खास बात यह है कि यहां लोगों को मुफ्त प्राकृतिक गैस समेत तमाम सुविधाएं मिलती हैं। 
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तुर्कमेनिस्तान (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
हालांकि, अपने नागरिकों को कानूनी रूप से सीमित अधिकार देने को लेकर इस देश को हमेशा आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। तानाशाह होने के बावजूद देश में नियाजोव ने अच्छा काम किया, तभी 1994 में देश के 99.9 फीसदी लोगों ने उनका कार्यकाल 10 साल करने के लिए वोट किया था।
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तुर्कमेनिस्तान (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
यहां रहने वाले 67 फीसदी लोग तुर्किश हैं। ये लोग मुख्यत: कृषि कार्य में संलग्न रहते हैं। इस देश में भारतीय फिल्मों का काफी क्रेज है। 
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तुर्कमेनिस्तान (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
यहां के लोग हिंदी फिल्मों के गाने भी गाते हैं। बच्चों को हिंदी भी पढ़ाई जाती है। जब भारती के प्रधानमंत्री की तुर्कमेनिस्तान यात्रा पर गए थे तो वहां के बच्चों ने पीएम को हिंदी गीत सुनाए थे। 

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