खबरों की मानें तो पीएम मोदी कॉमनवेल्थ समिट में शामिल होंगे और वेन्यू तक जाने के लिए जिस कार का इस्तेमाल होगा वो एक लग्जरी सेडान लिमोजिन है। 100 मीटर लंबी इस कार में बैठने की इजाजत सिर्फ पीएम मोदी को मिली है।
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शब्दों में कहें तो लग्जरी का मतलब है कम्फर्ट, स्पेस, म्युजिक, वातानुकूलित, क्वालिटी, कंपनी और सबसे महत्वपूर्ण स्टाइल। यह सभी सुविधाएं आसानी से एक 5 सितारा होटल में मिल सकती हैं। लेकिन अगर बात कार में इन सभी सुविधाओं की हो तो लिमोजिन (limousine) एक शानदार विकल्प है।
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लिमोजिन में स्विमिंग पूल से लेकर हैलीपैड तक की सुविधा होती है दुनिया की सबसे लंबी लिमोसिन अमेरिकन ड्रीम को कहा जाता है। यह 30.5 मीटर लंबी (सेडान से 6 गुना लंबी) और 26 टायर वाली कार है।
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किसी भी कार को लिमोजिन में तब्दील किया जा सकता है। इसके लिए 2-3 महीने का समय लगता है। इसको 40 कुशल कारीगर 16-16 घंटे काम करके तैयार करते हैं। पांच स्टेप में देखिए कैसे तैयार होती हैं। लिमोजिन कार।
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जिस लग्जरी कार में पीएम मोदी को सिर्फ बैठने की इजाजत मिली है, शाहरुख वैसी ही लिमोजिन कार के मालिक हैं। साल 2014 में किंग खान अपनी पत्नी गौरी के साथ दुबई गए थे। तब उन्होंने वहां के शाही परिवार से मुलाकात की थी । शाहरुख और गौरी इसी पर्सनल लिमोजिन से वेन्यू पर पहुंचे थे।
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स्ट्रिपिंग और कवर: कार के डैशबोर्ड और बूट छोड़कर बाकी सभी चीजों को कार से निकाल दिया जाता है। कटिंग के बाद, ट्राली पुल पर अपनी इच्छानुसार लंबाई में विस्तार किया जाता है। कटिंग मार्क लगाने के बाद कार की रूफ से कटाई का काम शुरू होता है।
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कार का विस्तार: कटिंग के बाद सेंटर पार्ट में रूफ रेल और फैक्ट्री पीलर्स को जोड़ा जाता है। इसके बाद बॉडीवॉर्क और इंटीरियर पर काम किया जाता है। आखिर में कार की छत और शीशे लगाने का काम शुरू होता है।
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दुनिया में लिमोजिन कार खूबसूरती के साथ-साथ अपनी लंबाई के लिए जानी जाती है। ये कारें मेड टू ऑर्डर तैयार की जाती है। कोई ब्रांड अपनी कंपनी की लिमोजिन कार बनवा सकता है।
देखने में इन कारों का लुक एकदम रॉयल नजर आता है और पहली बार में लोगों को आकर्षित करता है। इस लिमोजिन कार के इजन और पावर की बात करें तो इसमें जरूरत के हिसाब से ये सुविधाएं दी जाती हैं।