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Mumbai Attack: 'जेल में बिरयानी या कसाब जैसी सुविधाएं देने की जरूरत नहीं', 26/11 के हीरो की तहव्वुर को खरी-खरी

Thu, 10 Apr 2025 08:36 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Tahawwur Rana Extradition: मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया जा रहा है। भारत से जांच एजेंसियों की टीम अमेरिका पहुंचकर सभी कागजी कार्रवाई और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे वापस लेकर आ रही हैं। यहां उसे तिहाड़ जेल में रखा जा सकता है।
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तहव्वुर राणा - फोटो : PTI
मुंबई में एक 'चाय वाले' हैं, जिन्हें 'छोटू' उर्फ मोहम्मद तौफीक के नाम से जाना जाता है। उसकी सतर्कता ने 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान कई लोगों की जान बचाई थी। उन्होंने कहा कि भारत को तहव्वुर राणा को जेल में खास सेल, बिरयानी और वैसी सुविधाएं देने की कोई जरूरत नहीं है, जो मुंबई हमलों में शामिल आतंकवादियों में से एक अजमल कसाब को दी गई थीं। उन्होंने यह भी मांग की कि आतंकवादियों से निपटने के लिए अलग कानून होने चाहिए। राणा पर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों में शामिल होने का आरोप है। हमले में सैकड़ों निर्दोष लोग मारे गए थे। अब भारत में तहव्वुर पर मुकदमा चलाया जाएगा।

हालांकि,  26/11 के मुंबई हमले में शामिल रहे पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब के जेल में मटन बिरयानी मांगे जाने की बात पूरी तरह से मनगढ़ंत साबित हुई थी। मामले से जुड़े सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने खुद कहा था कि कसाब ने बिरयानी नहीं मांगी थी और सरकार ने कभी उसे बिरयानी नहीं परोसी।

यह भी पढ़ें- LIVE: मुंबई हमले का साजिशकर्ता तहव्वुर राणा आज पहुंचेगा भारत; तिहाड़ में तैयारी पूरी

'छोटू चाय वाला' के नाम से मशहूर चाय विक्रेता मोहम्मद तौफीक ने एएनआई से कहा, '...भारत में उसे कोई खास सेल मुहैया कराने की कोई जरूरत नहीं है। जैसे कसाब को बिरयानी और अन्य सुविधाएं दी जा रही थीं, वैसा कुछ भी करने की कोई जरूरत नहीं है। आतंकवादियों के लिए एक अलग कानून होना चाहिए, एक ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे उन्हें 2-3 महीने के भीतर फांसी पर लटका दिया जाए।'

पाकिस्तानी-कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के गुर्गों और मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों की मदद करने के लिए अमेरिका में दोषी ठहराया गया था। हमले में 160 से अधिक लोग मारे गए थे।
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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में तहव्वुर राणा का मामला। - फोटो : अमर उजाला
अमेरिका से भारत लाया जा रहा
दरअसल, मुंबई में 26/11 के आतंकी हमले में आरोपी तहव्वुर राणा को गुरुवार को अमेरिका से भारत लाया जा रहा है। भारत प्रत्यर्पित होने से बचने के लिए राणा ने सारे हथकंडे अपनाए, पर अमेरिका की अदालतों में उसकी कोई चाल सफल नहीं हुई। राणा के प्रत्यर्पण से आतंकी हमले में पाकिस्तान सरकार की भूमिका उजागर होने की उम्मीद है। राणा ने प्रत्यर्पण से बचने के आखिरी दांव के रूप में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। दो दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। 
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तहव्वुर राणा - फोटो : अमर उजाला
कागजी व कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की हिरासत में लिया
राणा को भारत लाने के लिए पहले से ही अमेरिका में भारतीय एजेंसियों की टीम पहुंच गई थी। फैसले के बाद टीम ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ राणा के प्रत्यर्पण की कागजी व कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं और हिरासत में ले लिया। राणा को लेकर टीम गुरुवार दोपहर तक भारत पहुंचेगी।

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तहव्वुर राणा को झटका - फोटो : Amar Ujala
भारत आने से बचने के लिए तहव्वुर ने अपनाए कई हथकंडे
राणा ने 27 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की एसोसिएट न्यायाधीश व नाइंथ सर्किट की सर्किट जज एलेना कागन के समक्ष बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के लंबित मुकदमे पर रोक के लिए आपातकालीन आवेदन दिया था। गत माह की शुरुआत में ही जज कागन ने अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद राणा ने फिर से अर्जी दी। 4 अप्रैल को इस पर सुनवाई हुई और सुप्रीम कोर्ट ने अपील खारिज कर दी। इससे पहले भी राणा ने बीमारी और भारत में अपनी जान को खतरा बताकर प्रत्यर्पण से छूट मांगी थी। फरवरी में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि उन्होंने राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है।
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नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रंप। - फोटो : एएनआई (फाइल)
ट्रंप ने किया था एलान
अमेरिकी यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में बोलते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया था कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मेरे प्रशासन ने दुनिया के सबसे बुरे लोगों और मुंबई आतंकी हमले के साजिशकर्ताओं में से एक को भारत में न्यायिक प्रक्रिया का सामना करने के लिए प्रत्यर्पित करने को मंजूरी दे दी है। इसलिए भारत वापस जा रहा है।
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तहव्वुर राणा - फोटो : एएनआई
हेडली का करीबी है राणा
पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक राणा पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली का करीबी है। हेडली 26 नवंबर, 2008 के मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है। हमले में छह अमेरिकियों समेत कुल 166 लोग मारे गए थे। हमलों को पाकिस्तानी आतंकियों ने अंजाम दिया था। राणा से पूछताछ में पाकिस्तानी आकाओं का सुराग मिलने की उम्मीद है। 
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Mumbai Attack - फोटो : Amar Ujala
26 नवंबर 2008 को हुआ था आतंकी हमला
26 नवंबर 2008 को 10 पाकिस्तानी आतंकियों के एक समूह ने अरब सागर में समुद्री मार्ग के जरिए भारत की वित्तीय राजधानी में घुसने के बाद एक रेलवे स्टेशन, दो होटलों और एक यहूदी केंद्र पर हमला किया था। लगभग 60 घंटे तक चले इस हमले में 166 लोग मारे गए थे, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। हमले के बाद आतंकी अजमल आमिर कसाब को जिंदा पकड़ लिया गया था। नवंबर 2012 में अजमल आमिर कसाब को पुणे की यरवदा जेल में फांसी पर लटका दिया गया था।

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