2008 मुंबई आतंकी हमले में तहव्वुर राणा की भूमिका।
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तहव्वुर राणा के हथकंडे
क्लाइन के पत्र में लिखा, 'भारत में मौत की सजा का सामना करने के लिए राणा को प्रत्यर्पित करना एक चौंकाने वाली मिसाल कायम करेगा। अगर राणा ने आत्मसमर्पण किया तो उसे यातना का सामना करना पड़ेगा, खासकर इसलिए क्योंकि वह पाकिस्तानी मूल का एक मुसलमान है, जिस पर भारत के इतिहास में सबसे भयानक आतंकवादी हमले की साजिश रचने का आरोप है। उसे निश्चित रूप से अपमानजनक व्यवहार सहना पड़ेगा।' उन्होंने भारतीय जेलों की स्थितियों को अमानवीय बताया और कहा कि राणा मुकदमे की प्रतीक्षा करते हुए ही मर जाएगा। अनुरोध में तहव्वुर राणा की कुल 33 कथित स्वास्थ्य समस्याओं का भी जिक्र किया गया है।
पत्र में कहा गया, 'तहव्वुर की सेहत वर्षों से गिरती जा रही है। वह लॉस एंजिल्स के कुख्यात महानगरीय हिरासत केंद्र में लगभग पांच वर्षों की कैद के बाद और भी बीमार हो गया है। 2024 में उसे पार्किंसंस रोग का पता चला। वह याददाश्त समस्याओं, भटकाव और अत्यधिक ठंड के प्रति संवेदनशीलता से पीड़ित है। उसके मूत्राशय में एक गांठ है, जो कैंसर का संदेहास्पद है।' तहव्वुर के वकील के मुताबिक, 26/11 हमलों के पीछे का मास्टरमाइंड कोरोनरी धमनी रोग, स्टेज 3 क्रोनिक किडनी रोग, लेटेंट ट्यूबरकुलोसिस, क्रोनिक साइनस रोग, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, हाइपोथायरायडिज्म, सोरायसिस, बढ़े हुए प्रोस्टेट, सुनने की क्षमता में कमी जैसी बीमारियों से पीड़ित है।'
उन्होंने लिखा, 'उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट के लिए डायलिसिस की आवश्यकता होगी और उन्हें दिल का दौरा, स्ट्रोक, मधुमेह और टीबी का खतरा बना रहेगा। वे मूत्राशय कैंसर का भी इलाज करवा रहे हैं, इस साल के अंत में सीटी स्कैन की उम्मीद है। यदि मूत्राशय कैंसर की पुष्टि होती है, तो उन्हें सर्जरी और कीमोथेरेपी की आवश्यकता होगी। उनके पुराने अस्थमा और सीओपीडी के कारण उन्हें श्वसन संबंधी जटिलताओं का खतरा है।'