सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कॉमेडियन समय रैना को कनाडा में उनके शो 'इंडियाज गॉट लैटेंट' को लेकर उठे विवाद के बारे में बोलने के लिए फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि युवा पीढ़ी सोचती है कि वे बहुत होशियार हैं। शीर्ष अदालत पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। रणवीर ने पिछले महीने रैना के शो पर भद्दी टिप्पणी की थी, जिसके बाद काफी हंगामा मच गया था।
याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि मामले का एक आरोपी कनाडा गया था और उसने इस मामले पर बात की थी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, 'उनके एक सहकर्मी को लगता है कि ये युवा बहुत होशियार हैं और हम शायद पुरानी पीढ़ी के हैं। उनमें से एक कनाडा चला गया है और उसने वहां जो कुछ कहा है, वह हमें अच्छी तरह से पता है। वे नहीं जानते कि इस कोर्ट का किस तरह का अधिकार क्षेत्र है। हम इसे दिखाना नहीं चाहते क्योंकि वे युवा हैं और उम्मीद करते हैं कि वे जिम्मेदार लोगों की तरह व्यवहार करेंगे। अन्यथा हम जानते हैं कि इन लोगों से कैसे निपटना है।'
केंद्र सरकार, महाराष्ट्र, असम और ओडिशा जैसे राज्यों की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उन्हें भी उनमें से एक की ओर से की गई टिप्पणी की जानकारी है, लेकिन वे इसे अनावश्यक रूप से उछालना नहीं चाहते। मेहता ने कहा, 'वह वास्तव में व्यंग्यात्मक टिप्पणी कर रहा था। वह इस अदालत में जारी कार्यवाही का मखौल उड़ा रहा था।' इस पर रणवीर अल्लाहबादिया की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनव चंद्रचूड़ ने साफ किया कि उनके मुवक्किल का उस व्यक्ति की टिप्पणी से कोई संबंध नहीं है, जिसका अदालत ने उल्लेख किया है।