भारतीय सेना के इन्फैंट्री कमांडर्स कांफ्रेंस के दौरान मध्यप्रदेश के महू में स्पाइक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) का सफल परीक्षण किया गया। इस दौरान सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत भी मौजूद रहे।
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स्पाइक मिसाइल
- फोटो : Twitter
इस मिसाइल को इस्राइल की रॉफेल एडवांस डिफेंस सिस्टम ने विकसित की है। इस डील को भारत ने कई बार रद्द भी किया है। लेकिन सेना की जरूरतों को देखते हुए तत्काल प्रभाव से इस मिसाइल को शामिल किया गया।
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स्पाइक मिसाइल (फाइल फोटो)
- फोटो : eurospike.com
इस मिसाइल की सहायता से दुश्मनों के टैंक को युद्ध के मैदान में आसानी से नष्ट किया जा सकता है। भारतीय सेना ऐसे मिसाइल की मांग बहुत समय से कर रही थी।
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स्पाइक मिसाइल (फाइल फोटो)
- फोटो : eurospike.com
भारत ने भी विकसित की है स्वदेशी एटीजीएम मिसाइल
डीआरडीओ ने भी मार्च 2019 में अपने स्वदेशी एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का परीक्षण किया था। हालांकि, विकास की अवस्था में होने के कारण सेना ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
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स्पाइक मिसाइल
- फोटो : सोशल मीडिया
क्या होता है एटीजीएम
एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल को एटीजीएम के नाम से जाना जाता है। जो आर्मड टैंक को नष्ट करने में सक्षम होता है।
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स्पाइक मिसाइल
- फोटो : रॉफेल एडवांस वेबसाइट
यह मुख्यत तीन प्रकार की होती हैं। पहली मैन पोर्टेबल यानि इसे कंधे पर आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है, दूसरी टैंक में माउंट मिसाइल और तीसरी हेलिकॉप्टर या लड़ाकू जहाज में माउंट मिसाइल।
कैसे काम करती है गाइडेड मिसाइल
एटीजीएम मिसाइल अन्य गाइडेड मिसाइल के पैटर्न पर ही काम करती हैं। इसके लिए मिसाइल में किसी निश्चित टॉरगेट के सही कोर्डिनेट पहले फिट किए जाते हैं। फिर उसे फायर किया जाता है। इसमें लक्ष्य भेदन की सटीकता बहुत ज्यादा होती है।