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देशभर में आज रात होगी साल की सबसे बड़ी उल्का पिंड की बौछार, रोशनी से जगमगाएगा आकाश

Sun, 13 Dec 2020 03:00 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, कोलकाता
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meteorite - फोटो : New York Post
देशभर में रविवार रात और सोमवार तड़के उल्का पिंडों की बौछार से आकाश जगमगा उठेगा। एम पी बिड़ला तारामंडल के निदेशक देवीप्रसाद दुआरी ने शनिवार को एक बयान में कहा कि ‘जैमिनिड’ के नाम से जानी जाने वाली उल्का पिंडों की यह बौछार 13 दिसंबर की रात को चरम पर होगी। यह वर्ष की सबसे बड़ी उल्का पिंड बौछार होगी।
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उल्का पिंडों की बौछार - फोटो : social media
देवीप्रसाद दुआरी ने कहा कि यदि आसमान में परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं, तो जेमिनिड उल्का पिंड बौछार को भारत के हर हिस्से से देखा जा सकेगा। उल्का पिंड चमकदार रोशनी की जगमगाती धारियां होती हैं, जिन्हें अक्सर रात में आसमान में देखा जा सकता है। इन्हें ‘शूटिंग स्टार’ भी कहा जाता है।
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उल्का पिंडों की बौछार - फोटो : social media
तारामंडल के निदेशक ने बताया कि वास्तव में, जब धूल के कण जितनी छोटी एक चट्टानी वस्तु बेहद तेज गति से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करती है, तो घर्षण के कारण प्रकाश की खूबसूरत धारी बनती है।

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उल्का पिंडों की बौछार - फोटो : nasa
साल की एक निश्चित अवधि में आकाश की निश्चित दिशा से आते एक नहीं, बल्कि कई उल्का पिंड देखने को मिलते हैं, जिन्हें उल्का पिंड बौछार कहा जाता है। ये बौछार अक्सर उस समय होती है, जब पृथ्वी विभिन्न उल्का तारों के सूरज के निकट जाने के बाद छोड़ी गई धूल के बचे मलबे से गुजरती है।
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उल्का पिंडों की बौछार - फोटो : social media
इनमें से जेमिनिड उल्का पिंछ बौछार सबसे शानदार उल्का पिंछ बौछारों में से एक होती है। हर बौछार हर साल दिसंबर के दूसरे सप्ताह के आस-पास दिखाई देती है। दुआरी ने बताया कि इस साल पूर्वानुमान है कि आसमान साफ होने के कारण हर घंटे 150 उल्का पिंछों की बौछार दिख सकती है।
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