गौरव शुक्ला चेहरा ढ़के हुए
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आशियाना सामूहिक दुष्कर्म : 10 साल में बालिग साबित कर पाए
मई 2005 में लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में घरेलू काम कर लौट रही 13 साल की लड़की को कुछ रईसजादों ने अगवा कर लिया। चलती कार में दुष्कर्म किया और बाद में कुछ और दोस्तों को बुला लिया।
कुल छह लड़कों ने दुष्कर्म के साथ पीड़िता को यातनाएं भी दीं। आखिर उसे एक सुनसान इलाके में फेंक दिया। मामला दर्ज हुआ और सामाजिक संगठनों व प्रेस का दबाव बढ़ा तो पुलिस ने कुछ निर्दोष लड़कों को पकड़ कर आरोपी बना दिया।
भारी प्रदर्शन के बाद गिरफ्तारी
प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा घेरा, पुलिस पर चौतरफा दबाव पड़ा तो असली आरोपी धरे गए। इनमें गौरव शुक्ला मुख्य आरोपी, भारतेंद्र मिश्रा, अमन बख्शी व मोहम्मद फैजान और दो नाबालिग शामिल थे।
नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया, जहां से लौटने के बाद उनकी सड़क हादसे में मौत हो गई। वहीं भारतेंदु व अमन को 2007 में 10-10 साल की सजा सुनाई। फैजान को 2013 में उम्र कैद की सजा दी।