dig d roopa
यह था मामला?
दरअसल, दिवाली पर्व से पहले पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर रूपा की एक ट्विटर यूजर से बहस हो गई थी। डी रूपा का कहना था कि पटाखे दिवाली से जुड़ी रीति-रिवाजों का हिस्सा नहीं रहे हैं और आतिशबाजी का जन्म 15वीं शताब्दी में हुआ था, इसलिए इस पर बैन को सकारात्मक रूप में लेना चाहिए।
वहीं, ट्विटर यूजर ने रूपा के दावे का विरोध किया था और उदाहरण देते हुए यह बताने का प्रयास किया था कि आतिशबाजी दिवाली का हिस्सा रहा है। दोनों के बीच में बहस इस हद तक पहुंच गया कि ट्विटर ने उक्त यूजर का अकाउंट सस्पेंड कर दिया। इसके बाद रूपा ट्रोलर्स के निशाने पर आ गई थीं।