उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे (फाइल फोटो)
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मनसे के एक पदाधिकारी ने बताया, '5 जुलाई की रैली के बाद हम उस मुकाम पर पहुंच गए हैं, जहां जनता के भारी दबाव के कारण शिवसेना (यूबीटी) के साथ गठबंधन न करना एक मुश्किल काम होगा। अब राज साहब इस पर अंतिम फैसला लेंगे।' इसी तरह शिवसेना (यूबीटी) के एक नेता ने दावा किया कि गठबंधन होगा, लेकिन इसकी घोषणा चुनाव नजदीक आने पर ही की जाएगी। इससे भाजपा के दबाव की रणनीति को भी रोका जा सकेगा। कहा यह भी जा रहा है कि इतनी जल्दी गठबंधन की घोषणा का मतलब सीट बंटवारे पर बातचीत का अतिरिक्त दबाव होगा। शिवसेना (यूबीटी) और मनसे नेताओं ने दावा किया कि इससे दोनों पक्षों के पार्टी कार्यकर्ता परेशान होंगे, जो अपने-अपने वार्डों से पार्टी टिकट पाने की होड़ में हैं।