राजीव गांधी (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
28 जनवरी, 1998 को चेन्नई की टाडा कोर्ट ने सभी 26 आरोपियों को दोषी करार देकर मौत की सजा सुनाई। टाडा कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ चार लोगों की ही मौत की सजा को बरकरार रखा और बाकी को अलग-अलग अवधि के लिए जेल की सजा सुनाई।
राजीव गांधी की हत्या में सीधे तौर पर शामिल पांच लोगों में नलिनी ही अभी जिंदा है। नलिनी ने जेल में ही एक बेटी को जन्म दिया था। नलिनी को भी मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नलिनी की बेटी के लिए उस पर दया के लिए याचिका दायर की, जिसके बाद उसकी मौत की सजा को उम्र कैद में बदल दिया गया।