कहा जा रहा है कि आने वाले समय में राहुल गांधी की इस बदली हुई रणनीति का असर भी देखने को मिल सकता है। अब भाजपा को उसके ही अंदाज में जवाब देने की तैयारी हो रही है। आइए समझते हैं कि आखिर राहुल ने कौन सी रणनीति में बदलाव किया है?
राहुल गांधी इन दिनों खूब सुर्खियों में हैं। पहले ईडी की जांच, फिर विदेश यात्रा और अब राहुल लगातार अपने ही पुराने नेताओं के निशाने पर हैं। कांग्रेस छोड़कर जाने वाले ज्यादातर नेताओं ने राहुल गांधी पर ही आरोप लगाए हैं। चार दशक से भी ज्यादा समय से कांग्रेस का हिस्सा रहे गुलाम नबी आजाद ने तो पांच पन्नों का नोट जारी किया। इसके जरिए उन्होंने राहुल गांधी को खूब खरी-खरी सुनाई।
इन सबके बीच राहुल गांधी अपनी रणनीति बदलते दिखाई दे रहे हैं। कहा जा रहा है कि आने वाले समय में उनकी इस बदली हुई रणनीति का असर भी देखने को मिल सकता है। अब भाजपा को उसके ही अंदाज में जवाब देने की तैयारी हो रही है। आइए समझते हैं कि आखिर राहुल ने कौन सी रणनीति में बदलाव किया है?
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राहुल गांधी
- फोटो : ANI
पहले जानिए कांग्रेस के साथ अभी क्या-क्या हो रहा?
पिछले आठ साल में कांग्रेस 30 से ज्यादा चुनाव हार चुकी है। अब केवल दो राज्यों में ही कांग्रेस की सरकार है। लोकसभा, राज्यसभा और अलग-अलग राज्यों के विधानसभा में भी कांग्रेस सदस्यों की संख्या घटती जा रही है। कई बड़े नेता पार्टी छोड़ चुके हैं। ज्यादातर नेता पार्टी छोड़ने के लिए राहुल गांधी को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। कई और नेताओं के पार्टी छोड़ने की अटकलें हैं।
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राहुल गांधी के साथ अशोक गहलोत
- फोटो : अमर उजाला
क्या है राहुल ने बदली हुई रणनीति?
लगातार बढ़ती मुश्किलों के बीच राहुल गांधी ने रणनीति बदल दी है। इसे समझने के लिए हमने कांग्रेस के एक राष्ट्रीय स्तर के नेता से बात की। उन्होंने कहा, 'ये सही है कि इन दिनों हमारी पार्टी एक तरफ से कई मुसीबतों का सामना कर रही है, लेकिन अब ये ज्यादा दिन तक नहीं चलने वाला है। लोग भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गतिविधियों और झूठे वादों को समझने लगे हैं। अब सबकी उम्मीद राहुल गांधी पर ही टिकी है। पूरा देश राहुल गांधी को उम्मीद भरी नजर से देख रहा है।'
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सोनिया गांधी और राहुल गांधी
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस नेता आगे कहते हैं, 'पार्टी की आज जो स्थिति हुई है, वो गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेताओं के चलते हुई है। गांधी परिवार और पार्टी ने इन नेताओं पर खूब भरोसा किया और इन सबने मिलकर ही साजिश रच दी। अब राहुल गांधी और पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता, नेता ये बात समझ चुका है। इसलिए राहुल गांधी ने अपनी रणनीति बदल दी है। वो भाजपा को उसी के अंदाज में अब जवाब देंगे। आप इसे कह सकते हैं कि भाजपा की चाल में ही भाजपा को मात दी जाएगी।'
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राहुल गांधी, प्रियंका गांधी व रॉबर्ट वाड्रा
- फोटो : ANI
भाजपा को कैसे देंगे जवाब?
राहुल गांधी और कांग्रेस के तमाम नेता और कार्यकर्ता अब लगातार जनता के बीच रहेंगे। उनकी समस्याओं को सुनेंगे और उसके लिए सरकार-शासन से लड़ाई लड़ेंगे।
भारत जोड़ो मुहिम के जरिए पार्टी में नए लोगों को जोड़ने की कोशिश होगी। महिलाओं और युवाओं पर पार्टी का फोकस है। मुस्लिम वोटर्स को फिर से एकजुट किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर भाजपा को उसी की भाषा में जवाब दिया जाएगा। मतलब अगर भाजपा नेता कांग्रेस नेता या राहुल गांधी का कोई वीडियो वायरल करते हैं तो कांग्रेस भी ऐसा ही करेगी। कांग्रेस ने इसके लिए एक लाख सोशल मीडिया वॉरियर्स तैयार करने का सिलसिला शुरू किया है। ये भाजपा के हर आरोप का जवाब उन्हीं के अंदाज में देंगे। अगर भाजपा नेता कोई गलती करेंगे तो उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। भाजपा से जुड़ी हर गतिविधि पर इस सोशल मीडिया सेल की नजर होगी। इसपर काम भी शुरू कर दिया है।
रविवार को दिखा असर
रविवार को भाषण देते समय जब राहुल गांधी की जुबान फिसली तो भाजपा ने इसका फायदा उठाया। भाजपा ने तुरंत उस वीडियो को सोशल मीडिया पर डाल दिया और कहा कि राहुल गांधी को ये भी नहीं मालूम कि आटा किलोग्राम में तौलते हैं या लीटर में? इसका जवाब भी कांग्रेस के सोशल मीडिया सेल ने उसी तरह से दिया। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा के कई दिग्गज नेताओं के पुराने वीडियो और फोटोग्राफ्स शेयर करने लगे। जिसमें ये नेता कुछ न कुछ गलतियां करते हुए दिखाई दे रहे हैं।