PM Modi
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'मणिपुर की ये धरती हौसलों और हिम्मत की धरती'
उन्होंने कहा, 'मणिपुर की ये धरती हौसलों और हिम्मत की धरती है। ये हिल्स... प्रकृति का अनमोल उपहार हैं, और साथ ही ये हिल्स आप सभी लोगों की निरंतर मेहनत का भी प्रतीक हैं। मणिपुर के नाम में ही मणि है, ये वो मणि है, जो आने वाले समय में पूरे नॉर्थ-ईस्ट की चमक को बढ़ाने वाली है। भारत सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि मणिपुर को विकास के रास्ते पर तेजी से आगे ले जाएं। इसी कड़ी में मैं आज यहां आप सभी के बीच आया हूं। थोड़ी देर पहले इसी मंच से करीब 7 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास हुआ है। ये प्रोजेक्ट्स मणिपुर के लोगों की, यहां हिल्स पर रहने वाले ट्राइबल समाज की जिंदगी को और बेहतर बनाएंगे।'
'सरकार मणिपुर की विकास यात्रा को गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत'
पीएम मोदी ने कहा, 'भारत सरकार मणिपुर की विकास यात्रा को गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी भावना से मैं आज आपके बीच आया हूं। कुछ समय पहले, इसी मंच से लगभग ₹7,000 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। ये परियोजनाएं मणिपुर के लोगों और हमारे आदिवासी समुदायों के जीवन में महत्वपूर्ण सुधार लाएंगी। मणिपुर की सीमा अन्य देशों से लगती है और यहां कनेक्टिविटी हमेशा से एक चुनौती रही है। मैं समझता हूं कि खराब कनेक्टिविटी के कारण आपको किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए 2014 से मैंने मणिपुर में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर बहुत जोर दिया है। इसके लिए भारत सरकार ने दो स्तरों पर काम किया है। पहला- हमने रेल और सड़क परियोजनाओं के लिए बजट में कई गुना वृद्धि की है। दूसरा- हमने शहरों से गाँवों तक सड़कें बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। हाल के वर्षों में यहां राष्ट्रीय राजमार्गों पर ₹3,700 करोड़ खर्च किए गए हैं और ₹8,700 करोड़ के निवेश से नए राजमार्गों पर काम चल रहा है।'
'सैकड़ों गांवों में यहां रोड कनेक्टिविटी पहुंचाई गई'
उन्होंने कहा कि पहले यहां गांवों में पहुंचना कितना मुश्किल था, आप सभी जानते हैं। अब सैकड़ों गांवों में यहां रोड कनेक्टिविटी पहुंचाई गई है। इसका बहुत अधिक लाभ पहाड़ी लोगों को, ट्राइबल गांवों को हुआ है। हमारी सरकार के दौरान ही मणिपुर में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है। जीरीबाम-इंफाल रेलवे लाइन बहुत जल्द राजधानी इंफाल को नेशनल रेल नेटवर्क से जोड़ देगी। पीएम मोदी ने कहा कि एक समय था जब दिल्ली में लिए गए फैसलों को यहां तक पहुंचने में दशकों लग जाते थे। आज हमारा चुराचांदपुर, हमारा मणिपुर, देश के बाकी हिस्सों के साथ मिलकर प्रगति कर रहा है। जैसे हमने देश भर के गरीबों के लिए पक्के मकान बनाने की घोषणा की, मणिपुर को भी इसका लाभ मिला है। यहां लगभग 60,000 घर पहले ही बन चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों को सम्मान और सुरक्षा का जीवन मिल रहा है।