जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए 26 लोगों के जख्म अभी भरे नहीं हैं। हालांकि, इस दुख के बावजूद कश्मीरियत की तस्वीरें सामने आई हैं। जम्मू-कश्मीर में सौहार्द, सीमा पर सुरक्षाबलों की सतर्कता और पीड़ितों को इंसाफ के लिए समर्थन को दिखाती ये तस्वीरें मार्मिक हैं। पाकिस्तान के आतंकवाद पर कश्मीर से आई हौसले की तस्वीरें भारी हैं।
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पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पर्यटन
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट / एजेंसी
आतंकी हमले से आहत जम्मू-कश्मीर के स्थानीय निवासी पर्यटकों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। भोजन, पानी से लेकर कई सुविधाएं देने में जुटे हैं। तस्वीर डल झील की है, जहां फल विक्रेता हाशिम अली पर्यटकों को निशुल्क चाट खिला रहे हैं। पर्यटक ने पैसे देने की कोशिश भी की, मगर उन्होंने मना कर दिया।
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पहलगाम में आतंकी हमले के बाद बढ़ी चौकसी, यात्रियों की जांच करते सुरक्षाबल
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट / एजेंसी
अमृतसर में वाघा-अटारी बॉर्डर के रास्ते अपने देश जा रहे पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा समेत अन्य दस्तावेज की जांच करते बीएसएफ के जवान। आतंकी हमले के बाद सीमावर्ती जिलों में सतर्कता बढ़ाई गई है।
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पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट / एजेंसी
पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ दुनियाभर में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीयों में गुस्सा है। हर देश में प्रवासी भारतीय आतंक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। तस्वीर ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न की है। यहां भारतीयों ने तिख्तयां लहराईं, जिस पर लिखा था पाकिस्तान आतंकवाद रोके।
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पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पर्यटन
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट / एजेंसी
आतंकी हमले के बाद पहलगाम से पर्यटकों का पलायन शुरू हो गया था। हालांकि अभी भी यहां बड़ी संख्या में पर्यटक ठहरे हुए हैं। स्थानीय लोगों के मजबूत समर्थन और मदद से मिली हिम्मत से कई पर्यटक शनिवार को पहलगाम में सैर करने निकले। हमले वाली जगह के पास ही तस्वीर भी खिंचवाई। ऐसी तस्वीरें आतंक के िख्ालाफ लड़ने का हौसला देती हैं।
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पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पर्यटन
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट / एजेंसी
22 अप्रैल की आतंकी वारदात के बाद एक तरफ जहां हजारों पर्यटक कश्मीर से लौट चुके हैं। तो दूसरी तरफ पर्यटन करने जम्मू-कश्मीर पहुंचे एक बच्चे को स्थानीय शख्स ने डल झील में बोटिंग का आनंद भी दिलवाया।
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पहलगाम हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला
- फोटो : ANI
कब और कहां हुई आतंकी वारदात, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री क्या बोले
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम शहर के निकट ‘मिनी स्विटरलैंड’ नाम से मशहूर पर्यटन स्थल पर मंगलवार दोपहर हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक हैं। यह 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद घाटी में हुआ सबसे घातक हमला है। एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि 26 मृतकों में दो विदेशी और दो स्थानीय निवासी हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस आतंकी हमले को 'हाल के वर्षों में आम लोगों पर हुए किसी भी हमले से कहीं बड़ा' हमला बताया। अधिकारियों ने बताया कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत की यात्रा पर हैं। इसी समय जम्मू-कश्मीर में पर्यटन और ट्रैकिंग का मौसम जोर पकड़ रहा है।
दहशतगर्दों ने पहलगाम का बायसरन घाटी में निर्दोष पर्यटकों पर हमला किया
- फोटो : वीडियो ग्रैब
74 महीने बाद आतंकी हमले से दहली घाटी
2019 की फरवरी में जम्मू-कश्मीर के ही पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला पहलगाम में हुआ है। पहलगाम शहर से लगभग छह किलोमीटर दूर बैसरन चीड़ के पेड़ों के घने जंगलों और पहाड़ों से घिरा एक विशाल घास का मैदान है तथा देश व दुनिया के पर्यटकों के बीच पसंदीदा स्थान है।
आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी
पहलगाम हमले के संबंध में अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हथियारबंद आतंकवादी 'मिनी स्विट्जरलैंड' में घुस आए और भोजनालयों के आसपास घूम रहे, खच्चर की सवारी कर रहे, पिकनिक मना रहे पर्यटकों पर गोलीबारी शुरू कर दी। पाकिस्तान में स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के छद्म संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है।