आज संसद भवन में पर हुए आतंकवादी हमले की बरसी है। इस मौके पर देश अपने वीर बलिदानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद हमले के बलिदानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। 23 साल पहले साल 2001 में संसद पर हुए हमले की बरसी को मौके पर शुक्रवार को संसद भवन परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
2 of 7
श्रद्धांजलि
- फोटो : PTI
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा, मैं उन बहादुरों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं जिन्होंने 2001 में आज के दिन हमारी संसद की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनका साहस और निस्वार्थ सेवा हमें प्रेरित करती रहेगी। राष्ट्र उनके और उनके परिवारों के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहेगा।
विज्ञापन
3 of 7
श्रद्धांजलि
- फोटो : PTI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 2001 में संसद भवन पर हुए हमले में बलिदान हुए लोगों को श्रद्धांजलि। उनका बलिदान हमारे देश को हमेशा प्रेरित करता रहेगा। हम उनके साहस और समर्पण के लिए हमेशा आभारी रहेंगे।
4 of 7
श्रद्धांजलि
- फोटो : PTI
लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, संसद परिसर में हुए आतंकी हमले की वर्षगाँठ पर लोकतंत्र के इस आस्था स्थल की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सुरक्षाकर्मियों और संसदीय कर्मचारियों को कोटि-कोटि नमन। साहस और कर्तव्यनिष्ठा का वह शौर्यवान समर्पण वंदनीय है, राष्ट्र के प्रति सर्वस्व न्योछावर का वह भाव सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
विज्ञापन
5 of 7
श्रद्धांजलि
- फोटो : PTI
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से अमर शहीदों को सादर श्रद्धांजलि। आज संसद भवन पर आतंकी हमले में शहीद भारत माता के वीर जवानों को हमने पुष्पांजलि अर्पित कर याद किया। आतंकवाद के विरुद्ध, पूरा देश एक है।"
विज्ञापन
6 of 7
श्रद्धांजलि
- फोटो : X/Vice President Of India
13 दिसंबर 2001 को दिन के करीब 11.40 बजे एक एंबेसडर कार संसद भवन के परिसर में घुसी। इस कार पर लाल बत्ती और गृह मंत्रालय के फर्जी स्टीकर लगे थे। अंदर पांच आतंकी सवार थे। जैसे ही कार संसद बिल्डिंग के गेट नंबर 12 की तरफ बढ़ी, जिस पर संसद भवन के एक सुरक्षा कर्मचारी को किसी गड़बड़ी का शक हुआ। इसके बाद सुरक्षा जवानों ने कार को वापस मोड़ने के लिए कहा। लेकिन वो मुड़े नहीं, बल्कि कार तेज गति में परिसर में खड़ी तत्कालीन उप राष्ट्रपति कृष्ण कांत की गाड़ी में जा भिड़ी।
इसके बाद आतंकी कार से नीचे उतरे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा जवानों ने भी आतंकियों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। करीब 45 मिनट तक चले इस ऑपरेशन में सभी पांच आतंकी मारे गए। वहीं, एक माली समेत हमारे आठ सुरक्षा जवान भी शहीद हो गए। हमले में करीब 15 लोग घायल भी हुए थे। आतंकियों की कार से करीब 30 किलो आरडीएक्स बरामद हुआ था। उस समय संसद में करीब 200 सांसद व मंत्री भी मौजूद थे। लेकिन किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।