विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संयुक्त राष्ट्र संघ में सोमवार को दिए गए भाषण की खूब तारीफ हो रही है। विपक्ष के नेताओं के साथ भारतीय मीडिया भी विदेश मंत्री के भाषण की तारीफ कर रही है कि स्वराज ने अपने भाषण में स्पष्ट संदेश दिया कि आतंक को समर्थन देने और आतंक के जरिए कश्मीर पर कब्जा करने पाकिस्तान की नीति नहीं चल सकती।
हालांकि भारत और पाकिस्तान में मीडिया ने बुरहान वानी के मारे जाने और कश्मीर हिंसा लेकर अलग-अलग रूख अपनाया हुआ है। दोनों देशों में मीडिया कवरेज बिल्कुल अलग हैं।
अगर संयुक्त राष्ट्र संघ की आमसभा में सुषमा स्वराज के भाषण के कवरेज को देखें, तो पाकिस्तानी अखबारों ने विदेश मंत्री को तवज्जो नहीं दी है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिंधु जल संधि की समीक्षा बैठक को ज्यादातर अखबारों ने फ्रंट पेज पर प्रमुखता से छापा है।
इसके अलावा पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ के बयान को भी अखबारों ने प्रमुखता से जगह दी है। शरीफ ने अपने बयान में कहा था कि भारतीय खुफिया एजेंसी RA&W (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) मासमू नागरिकों का खून बहा रही है।
सिंधु जल संधि की भारत की ओर से समीक्षा किए जाने के बाद पाकिस्तान में कोलाहल मचा है।
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द एक्सप्रेस ट्रिब्यून
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- फोटो : Getty Images
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। रिपोर्ट के मुताबिक 'प्रधानमंत्री मोदी उड़ी अटैक के बाद इस्लामाबाद पर दबाव बना रहे हैं। मिलिट्री बेस पर हमले के बाद भारतीय प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया फ्लिप फ्लॉप वाली रही है और अब वे एक ऐसी उपलब्धि को खत्म करने में लगे हैं, जो सारे विवाद और तनाव के बीच वर्षों से दोनों देशों के बीच बनी रही हैं।' इसके आगे अखबार कहता है कि पाकिस्तान को रेगिस्तान बनाने की प्रधानमंत्री मोदी की धमकी उनकी निराशा और भोलेपन को दिखाती है।
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पाकिस्तान ऑब्जर्वर
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- फोटो : Amar Ujala
पाकिस्तान ऑब्जर्वर ने सिंधु जल संधि के फैक्ट्स पर ध्यान केंद्रित किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोई एक देश अपने मनमाफिक इस संधि को तोड़ मरोड़ नहीं सकता है। सिंधु जल संधि वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में 1960 में हुई थी और यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। भारत इसमें एक कौमा, फुल स्टॉप या हाइफन भी नहीं बदल सकता, क्योंकि वैश्विक महाशक्तियां इस संधि की गवाह हैं।
Dawn
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- फोटो : Amar Ujala
पाकिस्तान के लोकप्रिय अखबार डॉन ने संसद के संयुक्त सत्र को अपने मुखपृष्ठ पर जगह दी है। इस सत्र में पाकिस्तानी पार्लियामेंट ने भारत के साथ अपने रिश्तों पर चर्चा की। अखबार के मुताबिक सिंधु जल संधि के संदर्भ में भारत ने पाकिस्तान के साथ बातचीत को सस्पेंड कर दिया है। हालांकि इस बारे में भारत की ओर से ऐसी कोई पुष्टि नहीं की गई है।
डेली टाइम्स ने जनरल राहील शरीफ के बयान को लीड स्टोरी के तौर पर वरीयता दी है। खबर के मुताबिक आर्मी जनरल राहील शरीफ ने सोमवार को कश्मीर में हिंसा के लिए भारत की खुफिया एजेंसी रॉ को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि अखबार ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संयुक्त राष्ट्र में बयान को भी तरजीह दी है। फ्रंट पेज पर प्रकाशित इस स्टोरी की हेडलाइन कहती है कि भारत ने पाकिस्तान को कश्मीर पर कब्जे का सपना न देखने की सलाह दी।