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Padma Award: आंदोलन से जुड़ीं साध्वी ऋतंभरा को पद्म भूषण; चंद्रकांत सोमपुरा, गणेश्वर शास्त्री को पद्मश्री

Sun, 26 Jan 2025 09:40 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करने की घोषणा की गई। नागरिक पुरस्कारों में सात पद्म विभूषण, 19 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, पुरस्कार पाने वालों में 23 महिलाएं हैं। इस सूची में विदेशी, एनआरआई, पीआईओ, ओसीआई श्रेणी से भी 10 लोग शामिल हैं। साथ ही 13 को मरणोपरांत सम्मानित किया गया है।
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Padma Award - फोटो : Amar Ujala
गणतंत्र दिवस के मौके पर राम मंदिर से जुड़ीं नामचीन हस्तियों को भी पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। इनमें साध्वी ऋतंभरा को पद्म भूषण, चंद्रकांत सोमपुरा और गणेश्वर शास्त्री द्रविड़, जनसंघ के नेता नारायण उर्फ भुलई भाई (मरणोपरांत) और पूर्व नौकरशाह किशोर कुणाल (मरणोपरांत) को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।

साध्वी ऋतंभरा
विहिप की साध्वी ऋतंभरा राम मंदिर आंदोलन के दौरान बेहद सक्रिय थीं। उनकी वजह से हजारों महिलाएं भी इस आंदोलन से जुड़ीं। वह अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने के मामले में आरोपी भी रह चुकी हैं। आंदोलन के समय उनके जोशीले भाषण की चर्चा आज भी होती है। मंदिर आंदोलन के दौरान उनके भाषण के कैसेट गांव-गांव और गली मोहल्ले में सुने जाते थे।

चंद्रकांत सोमपुरा
अयोध्या में भव्य राम मंदिर के शिल्पकार चंद्रकांत सोमपुरा को विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रहे अशोक सिंघल ने मंदिर का नक्शा बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। उनके बनाए गए राम मंदिर के मॉडल को अयोध्या में कार्यसेवकपुरम में रखा गया था। राम मंदिर का निर्माण उन्हीं के मॉडल के अनुरूप हुआ है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को उन्होंने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा पल करार दिया था।

पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड
श्रीराम मंदिर के शिलान्यास और प्राण प्रतिष्ठा व काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का शुभ मुहुर्त निकाला था। द्रविड ने लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नामांकन का भी शुभ मुहूर्त निकाला था। लोकसभा चुनाव 2024 में प्रधानमंत्री के प्रस्तावकों में भी शामिल रहे थे।

नारायण (भुलई भाई)
भुलई भाई भाजपा के वरिष्ठतम कार्यकर्ता थे। जनसंघ से विधायक रहे थे। केसरिया गमछा उनकी पहचान रही। पंडित दीनदयाल उपाध्याय से प्रभावित भुलई उनके सिद्धांतों पर चलते थे। उन्हीं के कहने पर शिक्षा अधिकारी की नौकरी छोड़कर 1967 में राजनीति में आ गए थे। 1974 में भारतीय जनसंघ ने उनको अपना उम्मीदवार बनाया और वह विधायक बन गए।

किशोर कुणाल
पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल बिहार के रहने वाले थे। 2001 में नौकरी से इस्तीफा देने के बाद अध्यात्म की दुनिया में रम गए। उसके बाद उन्हें आचार्य किशोर कुणाल कहा जाने लगा। वह अयोध्या राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य थे। उन्होंने दलित समाज के साधुओं को मंदिरों का पुजारी बनाने और पटना रेलवे स्टेशन के पास महावीर मंदिर में अहम भूमिका निभाई थी।
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पद्म पुरस्कार 2025 विजेताओं का एलान - फोटो : अमर उजाला
इन हस्तियों को पद्म विभूषण (7)
दुवुर नागेश्वर रेड्डी, पूर्व जज जगदीश सिंह खेहर, कुमुदिनी रजनीकांत लखिया, लक्ष्मीनारायण सुब्रमणियम, एम टी वासुदेवन नायर (मरणोपरांत), ओसामु सुजुकी (मरणोपरांत), शारदा सिन्हा (मरणोपरांत)
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भारत में 76वें गणतंत्र दिवस का जश्न - फोटो : अमर उजाला / एजेंसी
इन हस्तियों को पद्म भूषण (19)
ए. सूर्या प्रकाश, अनंतनाग, बिबेक देब रॉय (मरणोपरांत), जतिन गोस्वामी, जोस चाको पेरियप्पुरम, कैलाश नाथ दीक्षित, मनोहर जोशी (मरणोपरांत), नल्ली कुप्पुस्वामी चेट्टी, नंदमुरी बालकृष्ण, पीआर श्रीजेश, पंकज पटेल, पंकज उधास (मरणोपरांत), रामबहादुर राय, साध्वी ऋतंभरा, एस अजीत कुमार, शेखर कपूर, शोभना, सुशील कुमार मोदी (मरणोपरांत), विनोद धाम

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गुमनाम नायकों को भी पद्म सम्मान मिला - फोटो : अमर उजाला
इन हस्तियों को पद्म भूषण (113)
अद्वैत चरण गडनायक, अच्युत रामचंद्र पालव, अजय वी भट्ट, अनिल कुमार बोरो, गायक अरिजीत सिंह, एसबीआई की पूर्व चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य, अरुणोदय साहा, अरविंद शर्मा, अशोक कुमार महापात्र, अशोक लक्ष्मण सर्राफ, अश्विनी भिडे देशपांडे, बैजनाथ महाराज, बैरी गॉडफ्रे जॉन, भरत गुप्त, भीमव्वा डोड्डाबलप्पा शिल्लेक्यथारा, बुुधेंद्र कुमार जैन, सीएस वैद्यनाथन, चैतराम देवचंद पवार, चंद्रकांत शेठ (मरणोपरांत), चंद्रकांत सोमपुरा, चेतन ई चिटनिस, डेविड आर सीमली, दुर्गाचरण रणबीर कला, फारूक अहमद मीर, गणेश्वर शास्त्री द्रविड, गीता उपाध्याय, गोकुल चंद्र दास, गुरुवयूर दोराई, हरचंदन सिंह, हरिमन शर्मा, हरजिन्दर सिंह, हरविंदर सिंह, हसन रघु, हेमन्त कुमार, आईएम विजयन, जसपिंदर नरूला, जोनास मसेटी, जोयनाचरण बठारी, के. दामोदरन, केएल कृष्णा, के ओमानकुट्टी, किशोर कुणाल (मरणोपरांत), एल हैंगथिंग, लक्ष्मीपति रामसुब्बैयर, ललित कुमार मंगोत्रा, लामा लोबजंग (मरणोपरांत), लीबिया लोबो सरदेसाई, एमडी श्रीनिवास, मदुगुला नागफनी, महाबीर नायक, ममता शंकर कला, मंदा कृष्णा मडिगा, मारुति भुजंगराव, मिरियाला अप्पाराव (मरणोपरांत), नागेन्द्र नाथ राय, निर्मला देवी, नितिन नोहरिया, ओंकार सिंह पाहवा, पी दच्चनामूर्ति, पंडीराम मंडावी, परमार लवजीभाई, नागजीभाई, पवन गोयनका, प्रशांत प्रकाश, प्रतिभा सतपति, पुरुसाई कन्नप्पा संबंदन, आर अश्विन, आरजी चंद्रमोगन, राधा बहिन भट्ट, राधाकृष्ण देवसेनपति, रामदरश मिश्र, रनेंद्र भानु मजूमदार, रतन कुमार परिमू, रेबा कांत महंत, रेंतलाई लालरवना, रिक्की ज्ञान केज, सज्जन भजंका, सैली होल्कर, संतराम देसवाल, सत्यापाल सिंह, सीनी विश्वनाथन, सेतुरमन पंचनाथन, शेख शिखा अली अल सबा, शीन काफ निजाम, स्टीफन नैप, सुभाष खेतुलाल शर्मा, सुरेश हरिलाल सोनी, सुरिंदर कुमार वसल, स्वामी स्वामी प्रदीप्तानन्द, तेजेंद्र नारायण मजूमदार, थियाम सूर्यमुखी देवी, तुषार दुर्गेशभाई शुक्ला, वदिराज राघवेंद्रचार्य, वासुदेव कामथ, वेलू आसन, विजय नित्यानंद सुरिश्वर जी महाराज, विजयलक्ष्मी देशमाणे, विनायक लोहानी
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अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री - फोटो : X / @AmitShah
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, 'माननीय राष्ट्रपति जी द्वारा आज पद्म पुरस्कारों के लिए चुनी गई हस्तियों को बधाई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने पद्म पुरस्कारों को ऐसे मंच के रूप में फिर से परिभाषित किया है, जहां ऐसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जा सके, जिन्होंने समुदायों को सशक्त बनाया है और उन्हें प्रगति की ओर अग्रसर किया है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह सम्मान हमारे समाज को राष्ट्र निर्माण के लिए एक नए उत्साह से भर देगा।'
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